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गुरुद्वारे में हमला करने वाले से बहादुरी से लड़े सतवंत!

| Aug 08, 2012 at 03:59pm | Updated Aug 08, 2012 at 05:11pm

ओक क्रीक। बीते रविवार को अमेरिका के विस्कॉन्सिन शहर में मौजूद गुरुद्वारे में अमेरिकी सेना से रिटायर्ड एक सिरफिरे सैनिक ने हमला बोल दिया, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई। लेकिन इस हमले के दौरान एक शख्स ऐसा भी था जिसने हमलावर पर खंजर से हमला बोल दिया था। उसने हमलावर से डटकर मुकाबला किया। और बहादुरी से लड़ते हुए अपनी जान दे दी।

5 अगस्त, 2012 की सुबह करीब साढ़े दस बजे अमेरिका के विस्कॉन्सिन शहर में मौजूद गुरुद्वारा में हथियार से लैस एक अमेरिकी सिरफिरे ने हमला बोल दिया। कीर्तन और गुरुबाणी की धुने थम गई। उसके बदले गोलियों की आवाजें और चीखें गुरुद्वारे में गूंज रही थीं। हर चेहरे पर दशहत और मौत का खौफ साफ झलक रहा था। माइकल पेज नाम का हमलावर पागलों की तरह लोगों पर गोलियां बरसा रहा था। उसके चेहरे पर खून उतरा हुआ था, लेकिन एक शख्स ने भागने या छिपने की बजाय हमलावर से मुकाबला करने की ठानी। उस शख्स ने गोलियों की जरा भी परवाह नहीं की और गोलियां बरसा रहे हमलावार पर कृपाण लेकर भिड़ गया। उस बहादुर शख्स का नाम है सतवंत सिंह कालेका।

चश्मदीदों के मुताबिक सतवंत सिंह गोलियों की बौछार से बचते-बचाते धीरे-धीरे हमलावर माइकल पेज की तरफ बढ़ रहे थे। उन्हें किसी भी कीमत पर माइकल से बेकसूर लोगों को बचाना था। गुरुद्वारे में औरतें, बच्चे और बूढ़े मौजूद थे। उनकी पत्नी भी गुरुद्वारे में मौजूद थीं। हमलावर माइकल गुरुद्वारे की लॉबी में मौजूद था। सतवंत सिंह लॉबी में खड़े माइकल की तरफ बढ़े। इस वक्त माइकल की बंदूक शांत थी। माइकल को काबू करने के लिए यही सबसे सुनहरा मौका था। हथियार के नाम पर सतवंत सिंह के पास कृपाण थी। कृपाण यानि खंजर। सतवंत सिंह अपनी जान की परवाह किए बगैर कृपाण लेकर माइकल पर हमला बोल दिया।

हमलावर और सतवंत सिंह गुत्थमगुत्था हो गए। सतवंत सिंह ने हमलावर पर खंजर से वार किया। खंजर खून से सन गया, लेकिन हमलावर को मौत की नींद सुलाने के लिए ये बिल्कुल नाकाफी था। दोनों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। सतवंत सिंह ने आखिरी दम तक मुकाबला किया। ठीक इसी दौरान हमलावार को काबू करने के दौरान वे उसकी गोली का शिकार हो गए और एक बहादुर की मौत हो गई। इस दौरान सतवंत कालेका की पत्नी सतपाल दूसरी महिलाओं के साथ छुपी हुई थीं। उन्होंने महिलाओं से कहा कि हमले के दौरान वे बिल्कुल शांत बने रहें।

सतवंत के बेटे अमरदीप कालेका के मुताबिक मुझे ये जानकर कोई आश्चर्य नहीं हुआ है कि मेरे पिता ने हमलावर को रोकने की कोशिश की। बेशक ये बहादुरी का एक चकित करने वाला कारनामा है, लेकिन वो जो थे ये ठीक वैसा ही था। ईश्वर की इस पूण्य भूमि पर किसी भी तरह से वो किसी को आने और इस तरह का कुछ करने की अनुमति नहीं दे सकते थे।

विस्कॉन्सिन के ओक क्रीक में मौजूद गुरुदवारा में वेड माइकल पेज पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मारा गया, लेकिन मरने से पहले उसने अपनी खूनी खेल में 6 श्रद्धालुओं को मौत के घाट उतार दिया। बीती रात विस्कॉन्सिन में सैकड़ों लोगों ने मोमबत्ती जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। वहीं भारत में आज संसद के मॉनसून सत्र के शुरू होने पर सांसदों ने मारे गए लोगों की याद में एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।

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