आप यहाँ हैं » होम » खेल

142 करोड़ का खर्च और अब तक चार पदक झोली में

| Aug 09, 2012 at 08:41pm | Updated Aug 09, 2012 at 10:32pm

नई दिल्ली। लंदन ओलंपिक के लिए सरकार ने खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर करीब एक अरब 42 करोड़ रुपए खर्च किए लेकिन देश को अभी तक एक भी स्वर्ण पदक नहीं मिल पाया है। इन खेलों के 13वें दिन तक भारत को एक रजत तथा तीन कांस्य सहित कुल चार पदक मिले हैं।

खेल मंत्री अजय माकन ने राज्यसभा में आज डॉ. प्रभाकर कोटे के एक लिखित प्रश्न के जवाब में कहा कि सरकार ने लंदन ओलंपिक में खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर कुल 142.43 करोड़ रुपए खर्च किए। लंदन ओलंपिक में भारत का रिकार्ड 81 सदस्यीय दल उतरा जिनमें से पिस्टल निशानेबाज विजय कुमार ने रजत, राइफल निशानेबाज गगन नारंग ने कांस्य, बैडमिंटन खिलाडी सायना नेहवाल ने कांस्य और महिला मुक्केबाज एम सी मैरीकोम ने कांस्य पदक जीता।

माकन ने बताया कि ऑपरेशन एक्सीलेंस फार लंदन ओलम्पिक्स 2012 योजना के तहत खिलाड़ियों और एथलीटों के लिए देश में प्रशिक्षण शिविरों पर 61 करोड़ 65 लाख रुपए तथा विदेशों में प्रशिक्षण पर 70 करोड़ 55 लाख रुपए खर्च किए गए। इसके अलावा राष्ट्रीय खेल विकास निधि के तहत 10 करोड़ 32 लाख रुपए भी खर्च किए गए।

भारत ने ओलंपिक में 13 खेलों में अपनी चुनौती पेश की है जिनमें से उसे अब तक निशानेबाजी, मुक्केबाजी और बैडमिंटन में पदक मिले हैं। भारत तीरंदाजी, टेनिस, टेबल टेनिस, जूडो, रोइंग, हॉकी, तैराकी और भारोत्तोलन में खाली हाथ रहा।

दूसरे अपडेट पाने के लिए IBNKhabar.com के Facebook पेज से जुड़ें। आप हमारे Twitter पेज को भी फॉलो कर सकते हैं।

IBNkhabar के मोबाइल वर्जन के लिए लॉगआन करें m.ibnkhabar.com पर!

अब IBN7 देखिए अपने आईपैड पर भी। इसके लिए IBNLive का आईपैड एप्स डाउनलोड कीजिए। बिल्कुल मुफ्त!

इसे न भूलें