भोपाल। मध्य प्रदेश में बीते दो दिन से जोरदार बारिश न होने के कारण खतरे का निशान पार कर चुकी नदियों का जलस्तर गिरने लगा है और बाढ़ के हालात में सुधार हुआ है, लेकिन समस्याएं बरकरार हैं।
राज्य के अधिकांश हिस्सों में जोरदार बारिश भले ही कमजोर पड़ गई हो, लेकिन बादल छाए हुए हैं। जोरदार बारिश के चलते राज्य की अधिकांश नदियों ने बाढ़ के हालात बना दिए थे। नर्मदा, बेतवा, ताप्ती, जामनी, सहित अन्य नदियों ने तटीय जिलों होशंगाबाद, हरदा, सीहोर, देवास, रायसेन, विदिशा, बैतूल, खरगोन में काफी नुकसान पहुंचाया।

बीते दो दिनों से जोरदार बारिश न होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। नदियों का जलस्तर कम होने से तटीय गांव व निचली बस्तियों में भी जल भराव कम हो गया है। जिन मार्गों पर आवागमन रोका गया था उसे भी शुरू कर दिया गया है। सैकड़ों परिवार अभी भी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक आगामी 24 घंटों में पूर्वी-पश्चिमी मध्य प्रदेश में गरज के साथ बारिश हो सकती है। बारिश का दौर जारी रहने से मौसम सुहाना हो चला है, अधिकतम व न्यूनतम तापमान 25 से 35 डिग्री सेल्सियस हो गया है।
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