नई दिल्ली। पीएम की दावेदारी के लिए नरेंद्र मोदी की तरफदारी कर चुके संघ प्रमुख मोहन भागवत अब नीतीश कुमार की पीठ थपथपा रहे हैं। भागवत ने कहा कि बिहार का शासन गुजरात से बेहतर है। कुछ विदेशी पत्रकारों से बातचीत के दौरान भागवत ने कहा कि आम लोग ये मानते हैं कि बिहार गुजरात से बेहतर शासित प्रदेश है।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान ने बीजेपी के अंदर भी बवाल मचा दिया है। विदेशी पत्रकारों से बातचीत के दौरान मोहन भागवत ने बिहार के सुशासन पर चर्चा करते हुये कहा है कि लोग बिहार के बारे में लगातार ये बात कह रहे हैं इसलिए इस विषय में उनका खुद का मत बहुत मायने नहीं रखता।

भागवत ने इसके आगे कुछ नहीं कहा लेकिन इतना तूफान मचा देने के लिए काफी है। जून के महीने में मोहन भागवत ने ही नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुये कहा था कि कोई हिन्दूत्वादी देश का प्रधानमंत्री क्यों न हो। और उसके बाद ही ये चर्चा शुरू हो गई थी कि संघ नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ा रहा है।
आखिर इतनी जल्दी इस हृदय परिवर्तन का मतलब क्या है। कहीं ये नीतीश कुमार को खुश रखने की कोशिश तो नहीं है। नीतीश कुमार ने हाल में राष्ट्रपति के चुनाव में यूपीए के उम्मीदवार का समर्थन कर एनडीए से दूरी के संकेत दे दिए थे। क्या मोहन भागवत ने ये बयान एनडीए में टूट को रोकने के लिए दिया। कहीं उन्होंने मोदी को अपने कदम पीछे तो नहीं खींच लिए।
माना जा रहा है कि संजय जोशी प्रकरण को लेकर संघ मोदी से नाराज है लेकिन मोहन भागवत की नाराजगी की वजह मोदी की वो जिद तो नहीं है जो उन्होंने स्वयंसेवक संजय जोशी के मामले में दिखाई थी।
(IBNkhabar के मोबाइल वर्जन के लिए लॉगआन करें m.ibnkhabar.com पर!)
More on: mohan bhagwat, rss, bjp, nitish kumar, narendra modi, gujrat, bihar, interview








कमेंट्स
2