नई दिल्ली। बाबा रामदेव अनशन खत्म करके हरिद्वार वापस लौट गए। लेकिन वो कांग्रेस को हराने का ऐलान करके गए हैं। रामदेव को एनडीए का पूरा समर्थन है। सवाल ये है कि क्या अब रामदेव गैर कांग्रेसी राजनीतिक पार्टियों को एकजुट करने की कोशिश करेंगे। क्या वो कोई तीसरा मोर्चा तैयार करने में जुटेंगे। सवाल ये भी है कि आखिर वो इसमें कितना सफल होंगे।
भले ही केंद्र सरकार रामदेव को गंभीरता से नहीं ले रही हो लेकिन रामदेव के हौसले बुलंद हैं। मंगलवार को रामदेव के पास पहुंचे बीजेपी नेता और वरिष्ठ वकील रामजेठमलानी तो सीधे सीधे कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को चुनौती देते नजर आएं। आरोप लगाते नजर आएं। सोमवार को रामदेव के मंच पर आए बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी और जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव की मौजूदगी ने रामदेव के भ्रष्टाचार के आंदोलन के सियासी चक्के को जोरदार तरीके से चला दिया। अब रामदेव सीधे कांग्रेस से ही आरपार करने की चुनौती दे रहे हैं। वार अब सीधे पीएम, सोनिया और राहुल गांधी पर हो रहे हैं।

इस बाबत पत्रकारों ने भी कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी से सवाल किया। उनसे पूछा कि क्या रामदेव के आंदोलन को आरएसएस का समर्थन हासिल हैं तो राहुल गांधी ने कहा कि मैं इसपर कुछ बोलना नहीं चाहता। मेरे पास और भी कई गंभीर काम करने के लिए हैं। दूसरी तरफ जानकारों की मानें तो ये रामदेव के आंदोलन के इस नए मोड़ ने उसे चिंता में जरूर डाल दिया है। उसकी चिंता उस वक्त बढ़ गई जब उत्तर प्रदेश में सत्तानशी पार्टी और मुख्य सहयोगी समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव और बीएसपी सुप्रीमों मायावती ने भी कालेधन को वापस लाने की मांग की। उन्होंने भी सरकार को कठघरे में खडा़ करना शुरु कर दिया।मुलायम सिंह ने कहा कि मुझे नहीं लगता के सरकार ने काले धन के मुद्दे पर कोई कदम उठाया है।
मायावती ने कहा कि अभी तक सरकार ने कदम उठाया कहां है? तो सरकार पर अब उसके सहयोगी ही सवाल उठा रहे हैं। जाहिर है वक्त बीजेपी के मजे लेने का है। अन्ना के अनशन के अचानक खत्म होने और राजनीतिक दल बनाने के ऐलान से मायूस नजर आ रही बीजेपी अब फ्रंटफुट पर नजर आ रही है। अब वो संसद के दोनों सदनों में कालेधन पर चर्चा कराने की मांग कर रही है।
वहीं, कांग्रेस से जुड़े सूत्रों की मानें तो कांग्रेस में मंथन चल रहा है। वो बाबा रामदेव के इस नए सियासी रुप से बौखलाई हुई है। और फिलहाल वो रामदेव के आंदोलन को बीजेपी और आरएसएस का आंदोलन साबित करने में जुटी हुई है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि जो कल आंदोलन में शामिल हुए थे एनडीए के दल, वो जान लें कि बैसाखियों के ऊपर सियासत नहीं होती। अपने कंधे मजबूत होने चाहिए। लेकिन जानकारों की माने तो बीजेपी मान रही है कि रामदेव की बैसाखी उसके कंधे मजबूत करेगी। रामदेव ने ऐलान किया है कि वो अब 2014 तक अनशन नहीं करेंगे। यानि आम चुनावों तक। वो ये भी ऐलान कर चुके हैं कि वो जनता को बताएंगे कि कांग्रेस के खिलाफ वो किस पार्टी को अपना वोट दें।
(IBNkhabar के मोबाइल वर्जन के लिए लॉगआन करें m.ibnkhabar.com पर!)
More on: yog gurur baba ramdev, black money, congress party, lokpal, fast








कमेंट्स
1