नई दिल्ली। सोमालियाई लुटेरों की गिरफ्त में फंसे 22 साल के अमन ने अपनी जिंदगी बचाने के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं। अमन जो पिछले 2 साल से सोमालियाई लुटेरों के शिकंजे में है। वो अपनी जिंदगी बचाने के लिए अपनी मां के सामने रो रहा है, गिड़गिड़ा रहा है। लेकिन घरवाले कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं। अमन केन्या जाते वक्त सोमालियाई लुटेरों की गिरफ्त में आ गया। अब लुटेरों ने अमन की रिहाई के बदले दो शर्तें रखी हैं। अगर ये शर्तें डेढ़ महीने में पूरी नहीं की गई तो उसे जान से मार दिया जाएगा।

अमन की मानें तो पिछले दो साल में लुटेरों ने उनका बुरा हाल कर दिया है। न सिर्फ मारते पीटते हैं, बल्कि हर वक्त इन्हें भूखा-प्यासा ही रखते हैं। अमन ने 30 जुलाई को आखिरी बार अपनी मां से बात की थी। इस दौरान उसने बताया कि ये लुटेरे उन्हें सिर्फ एक वक्त का खाना देते हैं। वो भी पास्ता के तौर पर। जबकि इन लोगों को सही से पानी भी नहीं दिया जाता है। हर बंधक को एक दिन में सिर्फ आधा लीटर पानी देते हैं।
गौरतलब है कि अमन के साथ राजू नाम के एक और भारतीय को भी सोमालियाई लुटेरों ने बंधक बनाया था, लेकिन कुछ दिनों पहले लुटेरों ने उसकी हत्या कर दी और अब उनके निशाने पर अमन है। दरअसल चंद महीने पहले ही भारतीय नौसेना ने हमला कर सोमालिया के 61 लुटेरों को पकड़ लिया था। इससे ये लुटेरे बेहद गुस्से में हैं। लुटेरों ने अमन को छोड़ने के लिए दो शर्तें रखी हैं। पहली शर्त ये कि भारत सरकार उनके 61 लुटेरों को तत्काल छोड़े या फिर अमन की रिहाई के बदले में एक मिलियन डॉलर का भुगतान करे।
लेकिन भारत सरकार की तरफ से कोई हरकत न होता देख अब इन सोमलियाई लुटेरों ने अमन को अल्टीमेटम दिया है। उसने बकायदा अमन को अपने घर फोन कर इसकी जानकारी देने के लिए कहा। फोन पर अपनी मां और पिता से बात कर अमन ने दहशत और दरिंदगी की कहानी बयान की।
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