नई दिल्ली। एक तरफ जहां कोयला आवंटन में धांधली को लेकर संसद ठप है वहीं 2जी घोटाले की जांच कर रही जेपीसी में कांग्रेस और बीजेपी के नेता एक-दूसरे से भिड़ गए। बाद में कांग्रेस नेताओं पर असभ्य और अश्लील भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाकर बीजेपी नेताओं ने जेपीसी की बैठक का बहिष्कर कर दिया।
बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि आज हम लोगों ने जेपीसी में पीएम और चिदंबरम को बुलाने की मांग रखी। हम चाहते थे कि हमारी मांग पर जेपीसी फैसला करे लेकिन कांग्रेस सदस्यों ने हमारी मांग पर अश्लील और असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया। कुछ जूनियर सदस्यों ने गंदी भाषा का इस्तेमाल किया और कहा कि हम जेपीसी को कंगारू कोर्ट बना रहे हैं। चेयरमैन ये सब सुनते रहे और कुछ नहीं कहा इसलिए हमने जेपीसी का बहिष्कार किया।

उधर जेपीसी में कांग्रेस के प्रतिनिधि मनीष तिवारी ने कहा कि जेपीसी से वॉकआउट करने का बीजेपी नेता पहले से तय करके आए थे। अगर कोई मुझपर असंसदीय भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाता है तो मैं उसे खारिज करता हूं। हमने कहा कि अगर कोई तथ्य या सबूत हैं तो जिसको चाहो बुलाओ लेकिन राजनीतिक हित साधने के लिए हम किसी को किसी की टोपी उछालने नहीं देंगे।
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