आप यहाँ हैं » होम » देश

‘लोकमान्य’ की पहली आवाज सुन अभिभूत हुए लोग

| Aug 25, 2012 at 07:35pm

पुणे। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के शिखर पुरुषों में शुमार लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की अपील का गहरा असर क्यों होता था, इसकी पुष्टि शुक्रवार को तब हुई, जब उनका पहला ऑडियो टेप सार्वजनिक तौर पर सुनाया गया। उनकी आवाज सुनने के लिए हॉल खचाखच भरा था। 'स्वराज' की पुरजोर वकालत कर भारतीय जन मानस को आंदोलित करने वाले तिलक का यह 97 वर्ष पुराना ऑडियो टेप सुनने के लिए तिलक परिवार के पुश्तैनी घर केसरीवाड़ा में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उनकी आवाज सुनने के लिए लोगों ने आयोजकों के निर्देशों का बखूबी पालन किया और खामोशी बरती। खामोश हॉल में जब उनका टेप चलाया गया तो उनकी बुलंद आवाज गूंज उठी।

तिलक के परपौत्र दीपक ज़े तिलक ने इस मौके पर मुकेश नारंग नामक उस शख्स को सम्मानित किया, जिनके घर में पुरानी वस्तुओं के संग्रह से इस ऐतिहासिक ऑडियो टेप को हासिल किया गया। तिलक की यह आवाज एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान नारंग के परदादा सेठ लक्ष्मीचंद इस्सरदास नारंग ने रिकॉर्ड की थी। नारंग तब कराची के प्रसिद्घ व्यापारी थे। आजादी के बाद वे पुणे में बस गए थे।

तिलक के निधन के 97 वर्ष बाद उनकी यह आवाज सुनी गई। इस मौके पर इतिहास के छात्र और शिक्षक खासे उत्साहित देखे गए। तिलक के कई वंशज, शहर के जाने-माने नागरिक और मीडिया प्रतिनिधि भी इस मौके पर जमा हुए। 90 सेकंड के इस ऑडियो क्लिप के बजने के बाद हॉल तालियों से गूंज उठा। भीड़ ने बार-बार इसे चलाए जाने की अपील की। इसे तीन बार सुनाया गया।

इस क्लिप में तिलक एक संगीत कार्यक्रम में जमा लोगों से अनुशासित होकर संगीत का लुत्फ उठाने की अपील करते हैं। उनकी अपील में डांट-फटकार भी है, क्योंकि भीड़ हंगामा कर रही थी। 21 सितंबर, 1915 को केसरीवाड़ा में आयोजित इस कार्यक्रम मे जब लोगों ने हंगामा खड़ा किया तो तिलक ने उन्हें फटकार लगाते हुए कार्यक्रम देखने या हॉल से चले जाने को कहा। इस आवाज को तब नारंग ने रिकॉर्ड कर लिया था।

दूसरे अपडेट पाने के लिए IBNKhabar.com के Facebook पेज से जुड़ें। आप हमारे Twitter पेज को भी फॉलो कर सकते हैं।

IBNkhabar के मोबाइल वर्जन के लिए लॉगआन करें m.ibnkhabar.com पर!

अब IBN7 देखिए अपने आईपैड पर भी। इसके लिए IBNLive का आईपैड एप्स डाउनलोड कीजिए। बिल्कुल मुफ्त!

Previous Comments

इसे न भूलें