पणजी। देश के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक और भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनिल काकोदकर ने मंगलवार को कहा कि परमाणु ऊर्जा उतनी ही सुरक्षित है, जितनी कि हवाई यात्रा। महाराष्ट्र में भाभा एटोमिक रीसर्च सेंटर के पूर्व निदेशक काकोदकर ने बाहरी पणजी के दोना पॉला में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भविष्य में भारत की अधिक ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए देश को बिजली उत्पादन के लिए परमाणु प्रौद्योगिकी का सहारा लेना होगा।
पद्म विभूषण अवार्ड से सम्मानित काकोदकर ने कहा कि परमाणु ऊर्जा पर्यावरण के अनुकूल तथा सुरक्षित है। लोगों में यह एक आम धारणा है कि सड़क यात्रा की तुलना में हवाई यात्रा अधिक असुरक्षित है। वास्तव में हवाई यात्रा अधिक सुरक्षित है, क्योंकि इसमें कम दुर्घटनाएं होती हैं।
उन्होंने कहा कि चेरनोबिल में हुई परमाणु दुर्घटना में जितने लोगों की मौत नहीं हुई थी, उससे कहीं अधिक लोग भोपाल गैस त्रासदी में मारे गए। लेकिन लोग आज भी चेरनोबिल के बारे में ही बात करते हैं।
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