गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद के पॉश इलाके इंदिरापुरम की एक सोसायटी नीहो स्कॉटिश गार्डन में सिटिजन जर्नलिस्ट सचिन और उनके जैसे कई लोगों ने फ्लैट खरीदे। अब ये फैसला उनपर बहुत भारी पड़ रहा है। सोसायटी में इस वक्त 500 परिवार रहते हैं। मकानों पर कब्जा तकरीबन दो साल पहले मिल गया था। लेकिन अभी तक वे अपने मकानों के कानूनी मालिक नहीं बन सके हैं। वजह ये है कि इन मकानों की रजिस्ट्री नहीं हो रही है।
दरअसल बिल्डर ने जिससे जमीन खरीदी थी, उसको पूरा पेमेंट नहीं हुआ है। रजिस्ट्री में तीनों (बिल्डर, खरीदार और जमीन का मालिक) के दस्तख्त चाहिए। मकान आज तक कागज़ों में सोसायटी वालों के नाम नहीं है। लोगों की एक परेशानी यह भी है कि सोसायटी में दो तरफ से बाउंड्री वॉल ही नहीं है, जो सुरक्षा के नजरिए से काफी खतरनाक है। साथ ही सोसायटी कंपाउंड के अंदर झुग्गियां बनी हुई हैं। बिल्डर से जब इन झुग्गियों को हटवाने के लिए कहा गया तो उसका कहना था कि सोसायटी में अभी काम चल रहा है और ये काम करने वाले मजदूर हैं।

इसके अलावा सोसायटी के बिल्कुल सटकर एक नई सोसायटी बन रही है। दूसरे बिल्डर ने जब सोसायटी के लिए खुदाई शुरू की तो इस सोसायटी की दीवार ढह गई। टॉवर के किनारे खुले हुए हैं और जमीन को धंसने से बचाने के लिए रेत की बोरियां डाली गई हैं। पार्किंग का काम भी आज तक पूरा नहीं हुआ है। सोसायटी में जगह-जगह खुदाई हुई है, जिसकी वजह से बच्चों को अकेले छोड़ते हुए बहुत डर लगता है।
सिटिजन जर्नलिस्ट सचिन ने कई बार बिल्डर से इस बारे में बात की लेकिन पहले तो वो टाल दिया करता था। अब तो बात ही नहीं करता। बिल्डर से पिछली मुलाकात इंदिरापुरम पुलिस थाने में हुई थी। जब पुलिस से इस मामले में शिकायत की। थाने में बिल्डर ने आश्वासन दिया था कि 15 दिन के अंदर बाउंड्री का काम हो जाएगा और बाकी काम भी जल्द पूरा किया जाएगा। लेकिन उसके बाद उसकी तरफ़ से कोई कार्रवाई नहीं हुई। सचिन कहते हैं कि वो अपना हक हर हाल में लेकर रहेंगे।
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