आप यहाँ हैं » होम » पॉलिटिक्स

गोवाः खनन में 35 हजार करोड़ की लूट, दो कांग्रेसी सीएम फंसे

| Sep 11, 2012 at 08:15pm | Updated Sep 11, 2012 at 11:25pm

नई दिल्ली।कोयले की कालिख में फंसी कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। गोवा में अवैध खनन के मामले में कांग्रेस के दो पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत और प्रताप सिंह राणे के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है। अवैध खनन की जांच के लिए बने जस्टिस शाह कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि गोवा में कांग्रेस शासन के दौरान सरकारी खजाने को 35 हजार करोड़ का चूना लगा। शाह कमीशन ने अवैध खनन के मामलों में एफआईआर दायर करने के अलावा अधिकारियों और मंत्रियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है।

कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक लूट के लिए सीधे-सीधे गोवा सरकार जिम्मेदार है। 2006 से 2011 के बीच हुई इस लूट के दौरान गोवा में कांग्रेस की सरकार थी। इस दौरान कायदे-कानून की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। कमीशन ने तत्कालीन मुख्यमंत्री दिगंबर कामत, प्रताप सिंह राणे और राज्य सरकार के अलावा केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय और भारतीय माइंस ब्यूरो को भी कठघरे में खड़ा किया है।

कमीशन के मुताबिक राज्य सरकार के अधिकारी और मंत्री कानून को ताक पर रखते हुए खान मालिकों को फायदा पहुंचाते रहे और केन्द्र सरकार की एजेंसियां तमाशा देखती रहीं। गोवा में अब बीजेपी की सरकार है और मुख्यमंत्री मनोहर पार्रीकर ने ये कह कर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं कि कमीशन कि सिफारिशों पर अमल किया जाएगा।

शाह कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में अवैध खनन के मामले में एफआईआर दर्ज करने के अलावा उन 33 खदानों का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की है जो नेशनल पार्क क्षेत्र में पड़ती हैं। कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में पर्यावरण से जुड़े कानून तोड़ने पर खास टिप्पणी की है। कमीशन के मुताबिक राज्य सरकार के अधिकारियों ने वन और वाइल्ड लाइफ के स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर वो मंजूरी ले ली जो केन्द्र सरकार की एजेंसियों से लेनी चाहिए थी।

17 मामलों में तो वाइल्ड लाइफ वार्डन ने पर्यावरण और वन से जुड़ी मंजूरी दे दी जो उसके अधिकारक्षेत्र में ही नहीं था। कमीशन ने कहा है कि इससे जुड़े अधिकारियों और मंत्री पर कार्रवाई करनी चाहिए। उधर कोयले पर अपना बचाव कर रही कांग्रेस शाह कमीशन की रिपोर्ट के बाद बैकफुट पर है। प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि हम रिपोर्ट का अध्ययन कर रहे हैं और उसपर विस्तार से कभी बात करेंगे। अधिकारियों और मंत्री पर कार्रवाई के लिए खान मंत्रालय ने पर्यावण एवं वन मंत्रालय को सिफारिश कर दी है। अब देखना है कि क्या गोवा के मुख्यमंत्री की तरह पर्यावरण मंत्रालय अपने ही अधिकारियों पर कार्रवाई करेगा।

दूसरे अपडेट पाने के लिए IBNKhabar.com के Facebook पेज से जुड़ें। आप हमारे Twitter पेज को भी फॉलो कर सकते हैं।

IBNkhabar के मोबाइल वर्जन के लिए लॉगआन करें m.ibnkhabar.com पर!

अब IBN7 देखिए अपने आईपैड पर भी। इसके लिए IBNLive का आईपैड एप्स डाउनलोड कीजिए। बिल्कुल मुफ्त!

इसे न भूलें