नई दिल्ली। कोल ब्लॉक आवंटन पर रिपोर्ट देने वाली सीएजी को सरकार द्वारा कथित रूप से निशाना बनाने के मुद्दे पर आज बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पीएसी चेयरमैन मुरली मनोहर जोशी सहित दोनों सदनों में विपक्ष के नेता सुषमा स्वराज और अरुण जेटली के साथ राष्ट्रपति निवास पहुंचे।
बीजेपी के नेताओं ने कोल आवंटन मामले पर राष्ट्रपति से मुलाकात की। बीजेपी नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर कहा कि सरकार का सीएजी को लेकर रवैया गलत है। आडवाणी ने मुलाकात के बाद कहा कि इस लड़ाई में अगर संवैधानिक संस्थाएं कमजोर की जाती है या जो सम्मान होना चाहिए वो नहीं होता तो राष्ट्रपति का हस्ताक्षेप जरूरी हो जाता है।

आडवाणी ने यह भी कहा कि अगर सीएजी के बारे में पीएम भी सवाल उठाने लगेंगे तो फिर ये रवैया ठीक नहीं है। आडवाणी ने राष्ट्रपति से गुजारिश की है कि वो इस मामले में हस्तक्षेप करें।
विपक्षी दल बीजेपी ने कहा कि पिछले दिनों स्वयं प्रधानमंत्री और पीएमओ की तरफ से जो व्यक्तव्य दिए गए वो सीएजी के खिलाफ है। सीएजी की रिपोर्ट को गलत बताया गया। जब स्वयं पीएम ऐसी भाषा बोलते हैं तो उनके साथ वालों को सीएजी के खिलाफ बोलने का लाइसेंस मिलता है। वहीं, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने आज लखनऊ में एक बार फिर वर्तमान सीएजी पर सवाल खड़े किए।
पूर्व सीएजी टीएन चतुर्वेदी का नाम लेते हुए दिग्विजय ने कहा कि वो बाद में बीजेपी के संसद सदस्य भी बने शायद उसी रास्ते पर वर्तमान सीएजी भी चल रहे हैं। बता दें कि कोल ब्लॉक आवंटन में हुई धांधली को बीजेपी छोड़ती दिखाई नहीं दे रही है जिसके कारण अब कांग्रेस ने आम जनता तक अपना पक्ष साफ करना शुरू कर दिया है।
इसी सिलसिले में मंगलवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया पटना पहुंचे थे। जिसके बाद आज केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद और दिग्विजय सिंह आज लखनऊ पहुंचे। गुरुवार को बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
(IBNkhabar के मोबाइल वर्जन के लिए लॉगआन करें m.ibnkhabar.com पर!)
More on: Lalkrishna Advani, CAG, President, Pranab Mukherjee, Congress, UPA








कमेंट्स
1