नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी की अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के अधिकार पर सवाल खड़े करने वाली एक याचिका बुधवार को खारिज कर दी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ए के सीकरी और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडला की खंडपीठ ने नियमन की प्रक्रिया पर स्थगन देने से इंकार कर दिया, और कहा कि हम सरकार के निर्णय के साथ हस्तक्षेप नहीं करते। कोई अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती। आवेदन खारिज।

वास्तुकार एवं टाउन प्लानर एच आर सूरी द्वारा दायर याचिका में मांग की गई थी कि राष्ट्रीय राजधानी में 917 अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के निर्णय को क्रियान्वित करने से दिल्ली सरकार को रोकने के निर्देश जारी किए जाएं।
याचिका में कहा गया था कि याचिका के लंबित रहने के दौरान एनसीटी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में स्थित अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के संबंध में किसी भी तरह से किसी भी तरह की घोषणा करने से या कोई आदेश पारित करने से या निर्देश देने से सभी प्रतिवादियों को रोका जाए।
दिल्ली सरकार की तरफ से वकील नाजमी वाजिरी ने हालांकि न्यायालय से कहा कि कॉलोनियों को नियमित करना आवश्यक है और सरकार ने राजकीय नीति के निर्दिष्ट सिद्धांतों के तहत ऐसा किया है।
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