नई दिल्ली। यूपीए सरकार की मुसीबतें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। टीएमसी प्रमुख ममता के 72 घंटे के अल्टीमेटम के बाद डीजल कीमतें बढ़ने और एफडीआई के ऐलान को बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने जनविरोधी करार देते हुए कहा कि वो 10 अक्टूबर को फैसला करेंगे कि यूपीए को बाहर से समर्थन जारी रखा जाए या नहीं।
आज मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार के हालिया कदम जनविरोधी हैं और उनकी पार्टी इसका विरोध करती हैं। उन्होंने 9 अक्टूबर को सरकार की नीतियों के विरोध में लखनऊ के अंदर संकल्प महारैली का ऐलान करते हुए कहा कि वो अगले दिन पार्टी की राष्ट्रीय कार्याकारिणी की बैठक में फैसला करेंगे कि यूपीए को बाहर से समर्थन देना जारी रखा जाए या नहीं।

मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार ने डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ा कर गरीब व मध्यम वर्ग को लोगों और किसानों को बहुत बुरी तरह से प्रभावित किया है। डीजल के दाम बढ़ने से महंगई और बढ़ जाएगी और इन वर्ग के लोगों का जीवनयापन बहुत मुश्किल हो जाएगा। माया ने कहा कि हमारी पार्टी केंद्र सरकार की एफडीआई नीति की भी कड़ी निंदा करती है। माया ने कहा कि हमारी पार्टी ने केंद्र सरकार को बाहर से समर्थन दिया हुआ है। लेकिन सरकार के जनविरोधी फैसलों को हमारी पार्टी ने गंभीरता से लिया है।
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