नई दिल्ली। रिटेल क्षेत्र में एफडीआई और डीजल के दाम बढ़ने के खिलाफ समाजवादी पार्टी, वाम दल, बीजू जनता दल, टीडीपी और जेडीएस एक साथ मिलकर 20 सितंबर को देश भर में प्रदर्शन करेंगे। इन दलों के नेताओं ने गैर यूपीए और गैर एनडीए पार्टियों को साथ आने का आह्वान किया है। एक साथ इन पार्टियों को आने से तीसरे मोर्चे की सुगबुगाहत तेज हो गई है। हालांकि इन पार्टियों का कहना है कि ये विरोध केवल जनभावना के खिलाफ है। इससे किसी मोर्चे का नाम देना सही नहीं होगा। सीपीएम नेता वृंदा करात का कहना है कि सरकार के इसे फैसले से आम आदमी आहत है। उनकी आवाज को उठाने के लिए हम सब एक साथ 20 सितंबर को देश भर में प्रदर्शन कर रहे हैं। ताकि सरकार डीजल, रसोईगैस और एफडीआई मुद्दे पर अपना फैसला वापस ले।
यही नहीं, यूपीए के घटक दल टीएमसी ने भी सरकार को फैसला वापस लेने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। इसके अलावा यूपीए को बाहर से समर्थन दे रही बीएससी ने भी सरकार को फैसला वापस लेने के लिए कहा है। लेकिन फिलहाल सरकार फैसले पर अडिग दिख रही है।

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