नई दिल्ली। कोल ब्लॉक आवंटन पर सीएजी ने संसद की पब्लिक अकाउंट कमेटी यानी पीएसी में हाजिर होकर सफाई दी। सीएजी ने कहा है कि कोल ब्लॉक आवंटन में जिस 1 लाख 86 हजार करोड़ के नुकसान का आकलन उसने किया है वो तो दरअसल सबसे कम करके आंका गया है। ये आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता था।
सीएजी ने बताया कि उसने नुकसान का आकलन करते वक्त कोयले के वही दाम लगाए जिसपर सरकारी कंपनियां कोयला बेचती हैं और जो बाजार भाव से काफी कम हैं। अगर बाजार भाव से कोयले के नुकसान का अनुमान लगाया गया होता तो ये रकम एक लाख 86 हजार करोड़ से कहीं ज्यादा बैठती।

सीएजी के रुख से साफ है कि सरकार के लिए मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। वो भले ही सीएजी के आकलन पर उंगलिया उठाए लेकिन देर-सबेर उसे जवाब देना ही होगा।
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