संजय सूरी
नई दिल्ली। खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के चलते भारत में सरकार विरोध का सामना कर ही रही है लेकिन विदेशी कंपनियां भी अभी भारत में व्यापार बढ़ाने में उत्साहित नहीं दिख रही हैं।

फिलहाल भारत में खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति पर विवाद चल रहा है। लेकिन बाहर इस बात पर बहस हो रही है कि कोई इस वक्त भारत में व्यापार भी खोलना चाहता है।
टेक्नोपार्क के चेयरमेन अरविंद के सिंघल ने यह कहा कि ‘राजनैतिक पार्टियां यह मिथक पाल के बैठी हैं कि सीमा पर विदेशी कंपनियां भारत में व्यापार करने को आतुर बैठी है लेकिन सच्चाई इसके उल्ट है।’ कंपनियों की नजर भारत के राजनैतिक उथल-पुथल और नीतिगत प्रतिबंधों पर है।
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