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टी-20: सहवाग-गंभीर की जोड़ी ने अबतक किया है निराश!

| Sep 21, 2012 at 07:06pm | Updated Sep 21, 2012 at 09:36pm

नई दिल्ली। पिछले कई पारियों से भारतीय सलामी जोड़ी ने टीम इंडिया की मुश्किले बढा दी हैं। मैच दर मैच सहवाग और गंभीर की जोड़ी के प्रदर्शन ने टीम इंडिया की मुसिबतों को कम करने के बजाए बढ़ा दिया है। अगर ऐसा चलता रहा तो भारतीय टीम का फाइनल में पहुंचने का सपना शायद ही पूरा हो पाए। साथ ही गंभीर और सहवाग के अलावा जहीर खान भी टीम इंडिया के परेशानी को बढ़ा रहे हैं।

टी-20 वर्ल्ड कप में जीत का सपना संजोए भारतीय खिलाड़ियों की रेलगाडी़ जीत की पटरी पर रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। जहां बाकी दिग्गज टीमों ने अपनी रेलगाड़ियों को पूरी रफ्तार से पटरी पर दौड़ाना शुरू कर दिया है, वहीं टीम इंडिया के कप्तान धोनी चाह कर भी अपनी ट्रेन की रफ्तार नहीं बढ़ा पा रहे हैं। क्योंकि उनकी गाड़ी के तीन डिब्बों के पहिए में जंग पकड़ चुका है। जिसे धोनी को पहले साफ करना होगा फिर ट्रेन का एक्सीलेटर दबाना होगा। टी-20 का खेल बल्लेबाजों का खेल माना जाता है लेकिन हमारी सलामी जोड़ी ने अबतक टी-20 वर्ल्ड कप में अपने प्रदर्शन से निराश ही किया है।

श्रीलंका के खिलाफ अभ्यास मैच में गंभीर 4 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हो गए जबकि सहवाग 12 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। दोनों के बीच 9 रन की साझेदारी हुई थी। पाकिस्तान के खिलाफ अभ्यास मैच में गंभीर जहां 10 रन बनाकर आउट हुए वहीं सहवाग ने 26 रन की पारी खेली। अफगानिस्तान के खिलाफ पहले मैच में गंभीर 10 रन और सहवाग 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे।

सहवाग और गंभीर की जोड़ी शायद अब अपनी चमक खोती जा रही है। ऐसे में अब धोनी को और विकल्पों पर भी सोचना पड़ेगा। विकल्प नंबर एक कोहली को गंभीर के साथ ओपनिंग करने भेजा जा सकता है। विकल्प नंबर दो गंभीर के साथ रोहित शर्मा को भी ओपनिंग का मौका दिया जा सकता है।विकल्प नंबर तीन सहवाग तीसरे या चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे। विकल्प नंबर चार गंभीर-सहवाग को कम से कम 10 ओवर खेलने की कोशिश करें। विकल्प नंबर पांच गंभीर धैर्य से खेलें जबकि सहवाग अपना आक्रमक अंदाज बरकार रखें।

अगर धोनी एंड कंपनी को इंग्लैंड के खिलाफ अगले मैच में जीत दर्ज करनी है तो सहवाग और गंभीर की जोड़ी को धमाका करना ही होगा। खतरा इस बात का है कि विराट कोहली पर पूरा दबाव ना आ जाए। दूसरी ओर गेंदबाजी में टीम इंडिया की कमजोरी जगजाहिर है। खासतौर पर जहीर खान, टीम इंडिया के सबसे अनुभवी गेंदबाज टी-20 में आज तक कोई खास छाप नहीं छोड़ पाए हैं।

श्रीलंका के खिलाफ जहीर खान ने 4 ओवर में 29 रन देकर 1 विकेट अपने नाम किया। जबकि पाकिस्तान के खिलाफ जहीर ने 3 ओवर में 31 रन दिए और एक भी विकेट झटकने में नाकाम रहे। वहीं, जहीर खान पहले लीग मैच में अफगानिस्तान जैसी कमजोर टीम के खिलाफ भी विकेट ले पाने में नाकाम रहे हैं। यहां तक की जहीर अपना स्पेल भी पूरा नहीं कर सके। जहीर ने अफगानिस्तान के खिलाफ 3 ओवर में 10.66 की इकोनॉमी से 32 रन लुटाए।

भारत को अगर फाइनल तक सफर तय करना है तो सहवाग-गंभीर की जोड़ी को हर हाल में अपनी खोई हु्ई लय को पाना होगा और जहीर खान को स्ट्राइक गेंदबाज की भूमिका में आना होगा।

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