नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने डीजल के दामों में बढ़ोतरी और रसोई गैस सिलेंडरों पर लगाई गई सीमा को उचित बताते हुए कहा है कि पेट्रोलियम सब्सिडी पर रोक नहीं लगाई जाती तो रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ने लगती।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि पिछले कुछ समय में पेट्रोलियम सब्सिडी में बड़े पैमाने पर इजाफा हुआ है। यह सब्सिडी पिछले वर्ष एक लाख चालीस हजार करोड़ रुपए थी। अगर हमने कार्रवाई नहीं की होती तो यह बढ़कर दो लाख करोड़ से भी अधिक हो जाती।

मनमोहन सिंह ने कहा कि इसके लिए पैसा कहां से आता। पैसा पेड़ों पर तो नहीं लगता। उन्होंने कहा कि अगर हमने कोई कार्रवाई नहीं की होती तो वित्तीय घाटा कहीं ज्यादा बढ़ जाता। अगर इसे रोका नहीं जाता तो रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें और तेजी से बढ़ने लगती। निवेशकों का विश्वास भारत में कम हो जाता। ब्याज की दरें बढ़ जाती और बेरोजगारी भी बढ़ जाती।
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