कानपुर। कानपुर के पनकी इलाके में प्राचीन हनुमान मंदिर में भगदड़ मचने से एक श्रद्धालु की मौत हो गई है जबकि 12 लोगों के जख्मी होने की खबर है। घायलों को लाला लाजपत राय और हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक आज बुढ़वा मंगल के मौके पर पनकी मंदिर में रात से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी थी, जिसके बाद मौके पर भगदड़ मच गई। श्रद्धालुओं का आरोप है कि व्यवस्था खराब होने की वजह से मौके पर हालात बिगड़े। यही नहीं, भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
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बीते कुछ दिनों में मथुरा, देवघर के बाद कानपुर में कुछ ही दिनों के भीतर यह तीसरी घटना है जब किसी धार्मिक स्थल पर मची भगदड़ से लोगों को जान गंवानी पड़ी। कानपुर में मची भगदड़ को लेकर पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि मौके पर पर्याप्त पुलिस बल न होने की वजह से भीड़ को काबू करने के लिए बल प्रयोग
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बता दें कि सोमवार को ही झारखंड में देवघर के एक आश्रम में भगदड़ मचने से 9 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में करीब दो दर्जन भक्त घायल हुए। मरने वालों में 8 महिलाएं शामिल हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। लेकिन सवाल ये है कि बेगुनाहों की मौत का जिम्मेदार कौन है?
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2 दिन पहले 23 सितंबर को ही राधाष्टमी के दिन मथुरा के राधारानी मंदिर भगदड़ मच गई। वीआईपी दर्शन के फेर में प्रशासन आम भक्तों को भूल गया और दर्शन के बाद निकलने का रास्ता संकरा हो गया। इसकी वजह से ही भगदड़ मची और 2 महिलाओं की मौत हो गई थी।
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