नई दिल्ली। समाजसेवी अन्ना हजारे ने अपने आंदोलन से अलग हुए केजरीवाल गुट पर चोट करने का सिलसिला जारी रखते हुए रविवार को कहा कि राजनीति का रास्ता कीचड़ भरा है। राजनीतिक विकल्प के समर्थकों ने उनके बुनियादी सवालों के जवाब नहीं दिए थे।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने गैर राजनीतिक अभियान को तेज करने के लिए दिल्ली पहुंचे अन्ना हजारे ने कहा कि मुझसे जब कहा गया था कि अब राजनीतिक विकल्प देने का समय आ गया है तो मैंने कहा था कि विचार तो अच्छा है लेकिन मैंने पांच छह सवाल पूछे जिनका उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया। अन्ना हजारे ने राजनीतिक पार्टी बनाने के पक्षधर अपने समर्थकों से पूछा था कि इसके लिए पैसा कहां से आएगा। उम्मीदवार कैसे चुने जाएंगे और नई पार्टी के पदाधिकारी कौन होंगे।

उन्होंने कहा राजनीति की ओर जाना सही दिशा नहीं है। अगर राजनीति ने भला किया होता तो सोने की चिड़िया कहलाने वाला हमारा देश कैसे गिरवी रखा जाता। भ्रष्टाचार विरोधी समाजसेवी ने कहा कि अगर मुझे राजनीति में आना होता तो कब का आ गया होता। मैंने तो कभी पंचायत का भी चुनाव नहीं लड़ा। राजनीति में प्रवेश करने के मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल गुट और अन्ना हजारे अलग अलग हो चुके हैं।
मालूम हो कि अन्ना और अरविंद के अलग हो जाने के बाद केजरीवाल गुट ने विभिन्न मुद्दों पर आंदोलन कर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की है। लेकिन इन आंदोलनों को उतना जन समर्थन नहीं मिल पा रहा है जितना अन्ना का साथ होने पर मिल रहा था।
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