चेन्नई। डीएमके की कार्यकारिणी की बैठक सोमवार को चेन्नई में होगी। जिसमें केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार को समर्थन देने अथवा नहीं देने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को अनुमति देने, डीजल का दाम बढ़ाने और रियायती दरों पर मिलने वाले सिलेंडरों की संख्या में कटौती करने के बाद यह अटकलें लगाई जाने लगी थी कि डीएमके सरकार से समर्थन वापस ले सकता है। पार्टी केंद्र सरकार के इन निर्णयों से खिलाफ भी थी लेकिन पार्टी प्रमुख एवं तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करूणानिधि के यह कहने के बाद कि उनकी पार्टी सदैव गठबंधन धर्म का पालन करेगी। समर्थन वापस लेने की अफवाहें धूमिल पड़ गयी।
डीएमके ने जन वितरण प्रणाली के जरिए बेची जाने वाली शक्कर की कीमतों में वृद्धि की अफवाहों पर भी नाराजगी जतायी थी। पार्टी प्रमुख ने प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी. नारायणसामी को मंत्रिमंडल में दो सीटें देने पर भी नाराजगी जतायी है। ये दोनों सीटें डीएमके के सांसदों ए. राजा और करूणानिधि के रिश्तेदार दयानिधि मारन के टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले में फंसने के कारण खाली हुयी थी।
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