हावड़ा। एक शख्स को 18 साल तक एक ऐसी सजा मिली जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। उसका गुनाह सिर्फ इतना था कि उसके पास दौलत है। वो दौलत जिसने उसके ही बाप और भाई को बना दिया उसका दुशमन।
जरा सोचिए एक इंसान के हाथ-पैर जंज़ीरों से जकड़े एक अंधेरे कमरे में 18 सालों से कैद हों। उसकी गिनती जिंदा लोगों में होती लेकिन उसकी हालत मुर्दों जैसी। यकीनन ये बात सुनकर आप कहेंगे कि ऐसा तो सिर्फ फिल्मों में ही सकता है। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि ऐसा करने वाले कोई और नहीं खुद उसके ही पिता और चचेरे भाई हैं।
करीब 18 साल पहले महादेव अचानक गायब हो गया। घरवालों ने लोगों से कहा कि महादेव बिना बताए कहीं चला गया है। लेकिन असलियत ये थी कि महादेव के पिता रामचंदर और चचेरे भाई सचदेव उसके हाथों और पैरों को जंजीरों से जकड़ कर उसे एक कमरे में कैद कर दिया था। उसे खाने को उतना ही दिया जाता जिससे वो सिर्फ जिंदा रहे। पूरे 18 साल तक महादेव इन्हीं हालातों में कैद रहा।
कुछ दिनों पहले जब उसकी हाथों की जंजीरें टूट गईं तो उसने कमरे की खिड़की खोल कर आवाज दी जो आस पड़ोस के लोगों ने सुन ली। लोगों के खबर करने पर मीडिया और पुलिस वहां पहुंचे और महादेव को आजाद कराया गया। लेकिन अब सवाल ये कि आखिर उसके ही घरवालों ने ऐसा क्यों किया। इलाके के लोगों के मुताबिक महादेव के नाम पर लाखों की जमीन जायदाद थी। उसी दौलत को हथियाने के नीयत से उसके पिता और भाई ने ही उसे कैद कर दिया था।
पुलिस ने महादेव के पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल प्रशासन और डॉक्टर्स ये जानने में लगे हुए हैं कि इन 18 सालों की कैद से महादेव को कहीं किसी बड़ी बीमारी ने तो नहीं जकड़ लिया।
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