कोलंबो। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेव रिचर्डसन ने यह कहकर नया विवाद पैदा करने की कोशिश की है कि श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच टी-20 विश्व कप के पहले सेमीफाइनल मुकाबले की पिच टी-20 क्रिकेट के लिए आदर्श नहीं थी। गुरुवार को खेले गए पहले सेमीफाइनल मुकाबले में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट पर 139 रन बनाए थे। जवाब में पाकिस्तान की टीम 123 रन ही बना सकी थी।
फाइनल मैच की पूर्व संध्या पर रिचर्डसन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि पहली पारी के बाद पिच का मिजाज न बदले। पहले सेमीफाइनल में इस्तेमाल की गई पिच ट्वेंटी-20 के लिए आदर्श नहीं थी, क्योंकि इससे स्पिन गेंदबाजों को काफी मदद मिली।
रिचर्डसन ने इस दौरान पिच क्यूरेटर का बचाव किया। रिचर्डसन के मुताबिक दोनों टीमों के लिए हालात समान थे। बकौल रिचर्डसन दोनों टीमों को इससे मदद मिली और श्रीलंकाई स्पिनरों ने इसका अधिक फायदा उठाया। मैंने क्यूरेटर से बात की और उसने कहा था कि विकेट काफी सूखी है। आपको स्वीकार करना होगा कि गर्म मौसम में विकेट बनाना काफी मुश्किल है।
दूसरी ओर, श्रीलंकाई टीम के कप्तान माहेला जयवर्धने ने कहा कि उनकी ओर से स्पिन विकेट बनाने की कोई पहल नहीं की गई थी। बकौल जयवर्धने पिच आईसीसी की निगरानी में बनती है। हमारी टीम में दो स्पिनर थे जबकि विपक्षी टीम में तीन विशेषज्ञ स्पिनर थे। भला हम ऐसा क्यों करते।
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