नई दिल्ली। देश के कानून मंत्री सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी ने देश के लोगों को अपने ऊपर लग रहे आरोपों के जवाब दिए। अपने एनजीओ के खिलाफ गड़बड़ियों के आरोप झेल रहे कानून मंत्री सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद सख्त तेवरों के साथ मीडिया के सामने जवाब दिए। कानून मंत्री ने प्रेस वार्ता में कहा कि वो सड़क चलते लोगों के सवालों के जवाब नहीं देंगे। उनका इशारा अरविंद केजरीवाल और उनके पांच सवालों को लेकर था।
खुर्शीद ने अपनी सफाई में कुछ तस्वीरें दिखाईं और ऐलान किया कि उनके पास भी स्टिंग कराने वालों का स्टिंग ऑपरेशन है। करीब दो घंटे की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान खुर्शीद ने सफाई दी कि ये आरोप गलत है कि 71 लाख रुपए के बदले 17 कैंप नहीं लगे। उन्होंने अलग अलग शहरों में लगे कैंप की तस्वीरें दिखाईं। कानून मंत्री होने के नाते उन्होंने कहा कि तस्वीरें फर्जी नहीं हैं। यही नहीं कैंप में मौजूद एक लाभार्थी को भी संवाददाता सम्मेलन में सामने लाया गया। उसकी मीडिया से बात भी कराई।

सलमान ने कहा कि 17 जुलाई, 2010 को जेबी सिंह खुद कैंप में शामिल हुए थे। उन्होंने दलील दी कि हमें जो रकम मिली वो कैंप पर ही खर्च की गई। खुर्शीद ने कहा कि सीएजी के लोग जिस पते पर पहुंचे थे वहां उनके रिश्तेदार नहीं रहते।
सलमान की मानें तो रिश्तेदारों के ना मिलने पर सीएजी से जुड़े लोगों को नोट छोड़ना चाहिए था। अब उन्होंने कहा है कि हम सीएजी को सारे दस्तावेज मुहैया कराएंगे। सलमान खुर्शीद ने ये भी कहा है कि उन्होंने सारे दस्तावेज आरोप लगाने वाले चैनल यानि आज तक को भी दिए थे।
खुर्शीद ने फर्जी हलफनामे पर कहा कि फर्जी दस्तखत मामले की कोई भी जांच कर ले। सीएजी भी चाहे तो हमारी जांच करा ले। चैनल के स्टिंग ऑपरेशन को भी सलमान खुर्शीद ने कठघरे में खड़ा करते हुए चुनौती दी कि एक भी आरोप साबित नहीं हो सकता। खुर्शीद ने ये भी कहा कि मेरे पास भी काउंटर स्टिंग है। हमारे पास भी रिकॉर्डिंग हैं। खुर्शीद ने स्टिंग करने वाले चैनल पर आरोप लगाया है कि आजतक चैनल ने लोगों को बेवकूफ बनाया।
खुर्शीद ने केजरीवाल का नाम लिए बगैर कहा कि केजरीवाल के सवालों का जवाब नहीं दूंगा। सड़क चलते लोगों का जवाब नहीं दिया जाता। संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने उपकरणों की खरीद न करने के जवाब में विकलांगों के लिए खरीदी गई उपकरणों की रसीद दिखाई। इसके अलावा उन्होने खर्च की ऑडिट रिपोर्ट दिखाई। हमारे पास 77 लाख रुपये खर्च करने का प्रमाण है जबकि मंत्रालय से हमे सिर्फ 71 लाख रुपये ही मिले। फर्जी दस्तखत के मुद्दे पर उन्होने कि ये जांच का विषय है। खुर्शीद ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि 71 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा हुआ है। खुर्शीद ने कहा है कि स्टिंग चलाने वाले चैनल ने दस्तावेजों को नहीं देखा।आज तक के सवालों पर कानून मंत्री भड़क गए। उन्होंने आज तक के पत्रकार को धमकाया।
केंद्रीय मंत्री ने अपने गैर सरकारी संगठन पर लगे आरोपों की सफाई में विकलांग शिविरों की तस्वीरें और स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों की प्रतियों को प्रस्तुत किया। इसके अलावा सलमान का पक्ष रखने के लिए मुरादाबाद से कांग्रेस सांसद अजहरुद्दीन भी उपस्थित थे।
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