चंडीगढ़। बदल गई मोहब्बत की फिजा। अब तक लौटकर नहीं आया चांद। मायूस फिजा ने नींद की गोलियां खा लीं। पुलिस के मुताबिक उसने मौत को गले लगाने की कोशिश की। मोहाली पुलिस ने खुदकुशी की कोशिश मामले में फिजा को गिरफ्तार भी किया। लेकिन बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। उधर फिजा का कहना है वो मरना नहीं चाहती। वो तो चांद को चाहती है, चांद से मिलना चाहती है, लेकिन चांद है कि दिखता ही नहीं।
दरअसल फिजा बार बार कह रही है कि उसने खुदकुशी की कोशिश नहीं की। साथ ही वो ये कहना भी नहीं भूलीं कि वो एक बहादुर महिला हैं जो हर सूरते हाल से लड़ना जानती है।
फिजा खुदकुशी की बात से भले ही इनकार कर रही हों लेकिन इस इनकार पर कई सवाल खड़े होते हैं। सवाल उठता है कि आखिर नींद की इतनी सारी गोलियां उन्होंने कैसे खा लीं।
गुरुवार को भले ही फिजा का हाल बेहाल था लेकिन अस्पताल से निकलते ही उनकी रंगत बदल गई। पहुंच गईं सीधा प्रेस कॉन्फ्रेंस करने। मुस्कराने की कोशिश भी करती दिखीं। लेकिन इस मुस्कुराहट में छिपा दर्द वो नहीं छिपा सकीं।
लेकिन जब बात निकली है तो दूर तलक जाएगी। सवाल उठा कि आखिर फिजा से अस्पताल में मिलने चांद क्यों नहीं आया। मोहब्बत की दुहाई देने वाले चांद को क्या फिजा की कोई परवाह नहीं। क्या इस मोहब्बत में दरार आ चुकी है? लेकिन फिजा को अभी भी अपने प्यार पर भरोसा है। तभी तो उन्होंने इस सवाल पर ही सवाल उठा दिए।
लेकिन फिजा को इस बात का इल्म है कि उनका चांद यानि हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम चंद्रमोहन दबाव में हैं।
वैसे फिजा की बात में दम भी है। खुद चंद्रमोहन ने प्यार में न सिर्फ अपने तख्तो ताज को ठुकरा दिया। बल्कि अपने नाम और धर्म तक को बदल लिया। ऐसी हालत में चांद का अब तक गायब रहना सवाल तो खड़े करता ही है।
लेकिन ये साफ है कि इस प्रेम कहानी में अब सबकुछ ठीक नहीं। चांद और फिजा के प्यार की बहार में खिजां ने दस्तक दे दी है।
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