जयपुर। अमूमन हर पिता अपनी बेटी से बेहद प्यार करता है। बेटी की हर खुशी हर गम उसकी जिंदगी का अहम पहलू होता है, लेकिन जब सारी दुनिया के उलट एक पिता का आरोप है कि उसकी बेटी का कत्ल हुआ है।
अपनी लाडली बेटी को खो चुके एक पिता की गुहार में इतना दर्द, इतनी पीड़ा थी कि उसकी दरख्वास्त को फौरन मंजूर कर लिया गया। लेकिन सवाल ये था कि जब कोई ये मानने को तैयार ही नहीं कि उसकी बेटी के साथ कोई अनहोनी हुई है तो फिर जांच शुरू कहां से हो।
दरअसल मजिस्ट्रेट ने एतियातन उर्वशी के पोस्टमार्टम की जिम्मेदारी तीन फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को सौंप दी थी। एक्सपर्ट्स उर्वशी की मौत की वजह ढूंढने में जुटे थे। पर उनकी सारी कोशिशें बेकार ही साबित हो रहीं थी। उन्हें ऐसा कोई सुराग नहीं मिला पाया जो उर्वशी की मौत तक पहुंचा पाता।
इसी जद्दोजहद में एक एक्सपर्ट की नज़र पड़ी। उर्वशी के शरीर में मौजूद कुछ चकत्तों पर। ये चकत्ते मामूली दाग नहीं थे फॉरेंसिक साइंस के मुताबिक ये चकत्ते हाईपिगमेंटशन ऑफ स्किन की तरफ इशारा कर रहे थे।
हाईपिगमेंटशन ऑफ स्किन यानि जिस्म पर मौजूद कुछ चकत्ते इस बात के गवाह थे कि जिस्म में कोई न कोई ऐसी चीज मौजूद है जिसकी वजह से शरीर में टॉक्सिसिटी बढ़ गई है।
हालांकि एक्सपर्ट्स अभी पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकते थे। पर उन्होंने फौरन उर्वशी के बाल, नाखून और विसरा के सैंपल फॉरेंसिक साइंस लैबरॉटौरी जयपुर भेज दिए।
उधऱ पुलिस भी अपनी तहकीकात शुरू कर चुकी थी। पुलिस ने उर्वशी के माता-पिता से बात की तो उन्होंने वही बातें दोहराईं। जो उन्होंने अपनी दर्ख्वास्त में लिखी थीं। शादी से पहले उर्वशी की तबीयत कभी इतनी खराब नहीं रही थी और उसकी मौत एक सवाल बन चुकी थी।
पुलिस अपनी तफ्तीश को आगे बढा़ते हुए जब उर्वशी के पति नवीन के पास उसके बयान के लिए पहुंची तो नवीन ने बताया कि उर्वशी अचानक पिछले कुछ महीनों से बीमार रहने लगी थी। उसकी हालत में कोई सुधार न देखते हुए नवीन ने उर्वशी को उसके मायके भेज दिया। ताकि शायद वहां उसकी सेहत में कुछ सुधार हो सके। पर उर्वशी की हालत बद् से बद्तर हो गई। और फिर वो मायके से लौट ही न सकी। अब तक फॉरेंसिक साइंस लेबरोटेरी जयपुर के एक्सपर्ट्स उर्वशी के विसरा का टेस्ट कर चुके थे। इस टेस्ट में भी ऐसा कोई सुराग नहीं मिला, जो राज बन चुकी उर्वशी की मौत पर पड़े पर्दा को उठा सके।
(IBNkhabar के मोबाइल वर्जन के लिए लॉगआन करें m.ibnkhabar.com पर!)








कमेंट्स
0