मुंबई। ऐंग ली द्वारा निर्देशित लाइफ ऑफ पाई एक ऐसी बेहतरीन और लाजवाब फिल्म है जिसे देखते वक्त आप अपनी पल्के झपकाने से भी डरेंगे, क्योंकि कहीं फिल्म का कोई पल आपसे मिस ना हो जाए।
जेम्स कैमरून की अवतार के बाद ये एक ऐसी फिल्म है जिसमें 3डी का बखूबी इस्तेमाल किया है। फिल्म का लगभग हर फ्रेम खुले आसमान से लेकर फैले हुए समंदर तक, पानी के अंदर की लाजवाब समुद्री जिंदगी और वो द्वीप जहां हीरो फंस जाता है, ये सब मानो किसी खूबसूरत रंगीन चित्रकारी की जैसी लगती है।
डायरेक्टर ऐंग ली बेहद चालाकी से तकनीक का इस्तेमाल करते हुए आपको एक नामुमकिन सी कहानी का हिस्सा बना देते हैं। 16 साल का नायक सूरज शर्मा खुद को पाई कहलाना पसंद करता है। और वो अपने माता-पिता के साथ पौंडीचैरी में रहता है। जिनका खुद का चिड़ियाघर है। जब पूरा परिवार कनाडा शिफ्ट होने का फैसला लेता है वो अपने पूरे सामान के साथ जिनमें वो सभी जानवर भी शामिल है, जहाज पर चढ़ते है जो भायानक तूफान की वजह से डूब जाता है। सिर्फ पाई और उसका टाइगर ही है जो जिंदा बचते है और जो अब समुद्र के बीच लाईफबोट में फंस हुए हैं।

ऐंग ली फिल्म को एक खूबसूरत फील देते हैं पर वो बुक की आध्यात्मिकता और विश्वास से जुड़ी भावनाओं को पर्दे पर उतने अच्छे से नहीं उतार पाते। पाई और खतरनाक टाइगर के बीच के रेहन-सहन और उनके संबंध से ज्यादा दिलचस्प कुछ भी नहीं है। खासतौर पर फिल्म का टाइगर फिल्म की सबसे खूबसूरत रचना है जो पूरी तरह से कंप्यूटर के स्पेशल इफैक्ट से बनाया गया है।
मैं डायरेक्टर ऐंग ली कि फिल्म लाइफ ऑफ पाई को पांच में से साढ़े तीन स्टार देता हूं। ये भले ही आपके दिल को न छूये पर ये आपकी आंखों को सुकून देगी। इसे सिर्फ इसकी विजुअल टेस्ट के लिए जरूर देखें।
(IBNkhabar के मोबाइल वर्जन के लिए लॉगआन करें m.ibnkhabar.com पर!)
More on: life of pi, suraj sharma, irrfan khan, tabbu, hollywood, movie, review, rajeev masand








कमेंट्स
0