नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सरकारी योजनाओं के लाभ और सब्सिडी का नकद भुगतान सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने की योजना पर सवाल खड़े करते हुए गुरुवार को कहा कि यह राज्य सरकारों के अधिकारों का अतिक्रमण है और इसका सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
बीजेपी के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने पार्टी की प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि जिस तरह इस सरकारी योजना की घोषणा कांग्रेस के मुख्यालय में की गई उससे संदेह पैदा होता है। यही नहीं संसद सत्र के दौरान भी इसकी घोषणा बाहर की गई।

उन्होंने इस योजना की सफलता को लेकर सवाल खड़े किए और कहा यह राज्य सरकारों के अधिकारों का अतिक्रमण है और इसका सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। प्रसाद ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने इस योजना का अध्ययन करने के वरिष्ठ नेता एम वेंकैया नायडू और यशवंत सिन्हा की अगुआई में समिति गठित की है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिंदबरम और ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने 27 नवंबर को कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की थी कि इस योजना के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के साथ ही सब्सिडी का नकद भुगतान लाभार्थियों के द्वार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने इसे ‘आपका पैसा आपके हाथ’ की संज्ञा देते हुए कहा था कि आगामी एक जनवरी से यह योजना 16 राज्यों के उन 51 जिलों में शुरू की जाएगी जहां 80 प्रतिशत लोगों को आधार कार्ड मिल चुका है।
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