गाजियाबाद। गाजियाबाद के पॉश इलाके राजनगर में होम्योपैथी के डॉक्टर राजेश चावला का घर है। गुरुवार शाम इनका 4 साल का मासूम बेटा सिद्धार्थ और पत्नी दीप्ति घर में खून से लथपथ मिले। बेटे की तो मौत हो चुकी थी, जबकि पत्नी बुरी तरह जख्मी थी। उसे फौरन इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना के वक्त सिद्धार्थ और दीप्ति घर में अकेले थे। डॉक्टर राजेश उस वक्त घर से बाहर गए हुए थे। शाम करीब 4 बजे रोजाना की तरह दूधवाला दूध लेकर आया। उसने देखा कि घर का दरवाज़ा अन्दर से बंद है। लिहाजा उसने दस्तक दी। लेकिन जब दरवाजा नहीं खुला, तब उसने फोन किया। जब किसी ने फोन भी नहीं उठाया तो उसने फौरन इसकी जानकारी बिल्डिंग के चौकीदार को दी। साथ ही डॉक्टर राजेश को भी इत्तेला कर दी गई। डॉक्टर राजेश के आने के बाद कुछ पड़ोसियों और चौकीदार ने मिलकर घर के पिछले दरवाजे को तोड़ा और अंदर घुसे। लेकिन सामने का नजारा देखकर सभी कांप गए।
हमलावर ने मासूम सिद्धार्थ पर हथौड़े, हथौड़ी और सूजे से बड़ी बेरहमी से वार किए थे, जबकि दीप्ति के जिस्म पर सिर्फ चाकुओं के जख्म पाए गए। दीप्ति फिलहाल अस्पताल में है जहां वो मौत से जूझ रही है।
कत्ल और हमले में इस्तेमाल सारे औजार घर के ही हैं। घटना के वक्त घर के सभी दरवाजे भी अंदर से बंद थे और चाबियां भी घर के अन्दर ही थीं। ऐसे में कोई बाहरी शख्स वारदात को अंजाम देकर घर से कैसे फरार हो सकता है। इस बात को लेकर हर कोई हैरत में है। जिसके चलते कत्ल की ये गुत्थी उलझ गई है। डॉक्टर राजेश चावला की मानें तो उनकी किसी से कोई रंजिश या दुश्मनी नहीं थी। उनके मुताबिक घर से किसी तरह की लूट भी नहीं हुई है। पुलिस ने साफ इशारा किया है कि इस हत्याकांड में किसी बाहरी शख्स का हाथ नहीं है।
More on: Ghaziabad, Murder, Mystery








कमेंट्स
2