लखनऊ। प्रमोशन में आरक्षण संबंधी विधेयक का विरोध कर रहे उत्तर प्रदेश के करीब 18 लाख सरकारी कर्मचारियों ने आठ दिन से चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल को गुरुवार देर रात समाप्त करने की घोषणा की। साथ ही हड़तलियों ने यह भी कहा कि हड़ताल के दौरान हुए नुकसान की भरपाई अधिक समय तक काम करके की जाएगी।
आरक्षण विरोधियों के साझा संगठन सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा कि आरक्षण बहाली के लिए लाए गए संविधान संशोधन विधेयक पर कोई फैसला न होने की वजह से हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।

समिति के अध्यक्ष ने कहा कि विधेयक को न पारित होने देने में जिन लोगों ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग किया है, हम उनके आभारी हैं। दुबे ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी के सांसदो को इस विधेयक पर पुनर्विचार करना चाहिए। सामान्य एवं पिछड़े वगरें के कर्मचारी आरक्षण के विरोधी नही हैं लेकिन बार-बार आरक्षण दिया जाना 78 फीसदी लोगों के साथ अन्याय है।
वहीं दूसरी ओर आरक्षण का समर्थन करने वाली आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने कहा है कि आरक्षण नहीं मिला तो आंदोलन चलाया जाएगा। समिति ने शुक्रवार को प्रांतीय पदाधिकारियों की एक बैठक बुलाई है, जिसमें बातचीत के बाद आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
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