गाजियाबाद। गाजियाबाद के सार्थक मर्डर केस का रहस्य और गहरा गया है। हमले की शिकार डॉक्टर दीप्ति को होश आ गया है। दीप्ति ने पुलिस को बयान में कहा है कि किसी शख्स को उन्होंने पीछे से हमला करते हुए देखा। हालांकि बेहोशी की वजह से वो कातिल को साफ-साफ नहीं देख सकी लेकिन हमलावर कोई अजनबी था। कातिल ने पहले सार्थक को निशाना बनाया और फिर दीप्ति पर हमला किया।
सार्थक हत्याकांड में उम्मीद थी कि उसकी मां के होश में आते ही कत्ल का राजफाश हो जाएगा। लेकिन पुलिस की उम्मीद धूल में मिल गईं। डॉक्टर दीप्ति को होश तो आया मगर उसे कातिल का चेहरा याद नहीं। दीप्ति के बयान के मुताबिक इससे पहले कि वो कातिल को देख पाती उसने उन पर वार कर दिया और वो बेहोश हो गईं। पुलिस इस मामले में कातिल की मानसिक हालत पर भी गौर कर रही है।
डॉक्टर दीप्ति के बयान से इतना साफ हो गया है कि कातिल का मकसद सिर्फ और सिर्फ कत्ल करना था। उधर पुलिस ने बारी-बारी से डॉक्टर दीप्ति, उनके पति, नौकरानी और गार्ड के बयान अलग-अलग दर्ज किए।
सबसे पहले पुलिस ने डॉक्टर दीप्ति का बयान दर्ज किया। उसके बाद डॉ. राजेश चावला और दीप्ति दोनों को आमने-सामने बिठाकर बयान लिए। फिर बाद में डॉक्टर राजेश चावला का बयान अलग ले जाकर लिया। उसके बाद घर की नौकरानी और गार्ड से भी बयान लिए। यानि शक के दायरे में वो सारे लोग हैं जिनका सार्थक से कोई ताल्लुक था।
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