गाजियाबाद। सार्थक मर्डर केस की गुत्थी उलझती जा रही है। सार्थक की मां डाक्टर दीप्ति को होश आ गया है। लेकिन होश आने के बाद उसने जो बयान दिया है वो फोरेंसिक रिपोर्ट से मेल नहीं खाता।
दीप्ति ये भी नहीं बता सकी की जब घर अंदर से बंद था तो अजनबी कातिल घर में कैसे दाखिल हुआ। पुलिस अब दीप्ति के बयानों के आधार पर ही जांच को आगे बढ़ा रही है।
डॉ. दीप्ति के मुताबिक उस रोज उनके घर में कोई अजनबी घुसा था। पहले उन्हें तेज बदबू वाली गंध आई और फिर उनपर बेहोशी छाने लगी। लेकिन होश खोने से पहले उन्होंने देखा कि वो अजनबी उनके बेटे पर हथौड़े से हमला कर रहा है। इसके बाद क्या हुआ उन्हें नहीं पता।
उधर एसपी सिटी अनंत देव ने कहा कि मामले की तहकीकात की जा रही है। दीप्ति का स्टेटमेंट ले लिया गया है लेकिन उसकी हालत नाजुक है इसलिए आज फिर से स्टेटमेंट लेने की कोशिश करेंगे। फिलहाल दिप्ति का कहना है कि कोई बाहर का आदमी आया था तो उसी थ्योरी पर काम कर रहे हैं।
दीप्ति का बयान भी कई सवालों को जन्म दे रहा है। सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि जब दरवाजा बंद था और दीप्ति ने दरवाजा नहीं खोला तो कोई बाहरी फ्लैट के भीतर कैसे आ सकता है।
बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड के मुताबिक उसने भी किसी बाहरी आदमी को इमारत के भीतर दाखिल होते हुए नहीं देखा।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में मौका-ए-वारदात से जो फोरेंसिक सुराग मिले हैं और दीप्ति ने जो बयान दिया है वो मेल नहीं खाते। पुलिस को दीप्ति के घर से अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जो तीसरे शख्स की मौजूदगी साबित कर सके।








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