नई दिल्ली। दिल्ली गैंगरेप पर देशभऱ में मचे हंगामे और आंदोलन के बीच मध्य प्रदेश के मंत्री ने बेतुका बयान देकर विवाद पैदा कर दिया है। एमपी कैबिनेट में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस घटना को महिलाओं की नैतिकता से जोड़ दिया। विजयवर्गीय ने कहा कि जो महिला नैतिकता की लकीर को पार करेगी, उसे सजा जरूर मिलेगी।
विजयवर्गीय ने रामायण का हवाला देते हुए कहा कि एक मर्यादा होती है, जब मर्यादा का उल्लंघन होता है तो सीता का हरण हो जाता है। लक्ष्मण रेखा हर व्यक्ति की खींची गई है। उस लक्ष्मण रेखा को जो भी पार करेगा तो रावण सामने बैठा है, वो सीता हरण करके ले जाएगा।

विजयवर्गीय का मानना है कि समाज में विकृति को रोकने के लिए समग्र चिंतन और विचार की जरूरत है। अपने विवादास्पद बयान में उन्होंने महिलाओं द्वारा दुपट्टों का इस्तेमाल न करने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मेरा एक मित्र दुपट्टों का कारोबार करता है। उसका कहना है कि अब दुपट्टे कम बिकते हैं, क्योंकि लड़कियों ने दुपट्टा ओढ़ना बंद कर दिया है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की तारीफ करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि यह संगठन समाज में संस्कृति और संस्कार को बढ़ावा दे रहा है। यह संगठन नहीं होता तो बलात्कार की बढ़ती घटनाएं 20-25 सालष पहले ही शुरू हो गई होतीं।
विजयवर्गीय के इस बयान ने बीजेपी के लिए भी असहज स्थिति पैदा कर दी है। एक तरफ तो बीजेपी गैंगरेप की घटना के बाद कानून में बदलाव के लिए सरकार से विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रही है, वहीं बीजेपी के मंत्री का बयान उसकी कोशिशों और छवि पर बट्टा लगाने का काम कर रहा है। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने महिलाओं पर दिए कैलाश विजवर्गीय के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इस्तीफे की मांग की है।
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