नई दिल्ली। पाकिस्तान में सरबजीत का मुकदमा लड़ रहे वकील का मानना है कि यदि उनका देश सरबजीत को रिहा कर दे, तो यह भारत और पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंधों में एक निर्णायक बिंदु साबित हो सकता है।
सरबजीत के वकील अवैस शेख भारतीय लोगों को यह बताने शनिवार को भारत आ रहे हैं कि सरबजीत सिंह एक निर्दोष व्यक्ति है जिसपर गलत तरीके से वे आरोप लगाए गए हैं, जिसे उसने कभी अंजा ही नहीं दिया। शेख भारत में करीब 15 दिन रहेंगे। उनकी पुस्तक 'सरबजीत सिंह: अ केस ऑफ मिस्टेकेन आईडेंटिट' (राजकमल प्रकाशन) का नई दिल्ली में विमोचन होना है।

इससे पहले के भारत दौरे का जिक्र करते हुए शेख ने कहा कि भारत में जब रिक्शा व ऑटो चालकों को मालूम हुआ कि मैं सरबजीत का वकील हूं तो उन्होंने मुझसे पैसे लेने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि सरबजीत को क्षमा कर दिया जाता है तो इससे भारत-पाकिस्तान के संबंधों पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
दिल्ली में शेख की पुस्तक के विमोचन के अवसर पर सरबजीत की बहन दलबीर कौर, सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश तथा भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मरक डेय काटजू और सर्वोच्च न्यायालय के वकील भीम सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहेंगे।
दलबीर कौर ने कहा कि पिछले साल जब मैं पाकिस्तान गई थी तो वहां के लोगों ने मेरा स्वागत किया था और कहा था कि सरबजीत बेगुनाह है। यदि उसे क्षमा कर दिया जाता है तो इससे भारत को सकारात्मक संकेत मिल सकता है।
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