बदायूं। पूरे देश को झकझोर देने वाले दिल्ली में पिछले 16 दिसंबर को हुये गैंगरेप के नाबालिग आरोपी को भले ही बहुत कड़ी सजा नहीं मिले और वह जिंदा रह जाये लेकिन परिवार ने उसे मरा मान लिया है।
गैंगरेप मामले के छह आरोपी में से एक राज मोहम्मद नाबालिग है और हो सकता है कि सजा के तौर पर उसे फांसी नहीं हो और वह जिंदा रहे लेकिन अपने परिवार के लिए वह मर चुका है। राज मोहम्मद उत्तर प्रदेश में बदायूं के छोटे से गांव भवानीपुर का रहने वाला है। महज 11 साल की उम्र में ही गांव के कुछ लड़कों के साथ वह दिल्ली चला गया था। खुद उसकी मां अनिसा ने उसे गरीबी के चलते गांव से बाहर शहर में कुछ बनने भेजा।

गांव के लड़के तो वापस आ गये लेकिन वह नहीं आया। राज मोहम्मद ने एक साल तक तो ढाबे पर काम किया और घर पैसे भेजे मगर उसके बाद कहीं गायब हो गया। मां-बाप को उसका कोई पता नहीं चला। राज की मां अनीसा गांव के एक आधे बने हुए घर में अपने मंद बुद्धि पति, दो बेटी और दो छोटे बेटों के साथ रहती है। मां और दोनों बेटी मजदूरी करके घर का खर्च चलाते हैं।
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