IBN7 IBN7

यहां 50 बच्चों की मौत के बाद भी प्रशासन नींद में

Posted on Jan 10, 2013 at 07:13pm IST | Updated Jan 10, 2013 at 07:46pm IST

कुशीनगर। एक गांव में एक के बाद एक 50 बच्चों की मौत हो गई, उनकी हत्या नहीं की गई थी। दरअसल वो बच्चे अपने गांव का प्रदूषित पानी पीने को मजबूर थे। इसलिए उनकी जान गई। यूपी के कुशीनगर में ये हादसा पांच साल पहले हुआ था। इस घटना के बाद प्रशासन ने साफ पानी के लिए टंकी बनाने का फैसला किया। लेकिन सिटिजन जर्नलिस्ट वैद्यनाथ सहानी बता रहे हैं कि सालों बीत जाने के बाद भी हालात क्या है।

कुशीनगर में 2006-2007 में अज्ञात बीमारी के कारण करीब 50 बच्चों की मौत हो गई थी। लेकिन हालात अब भी ज्यादा नहीं बदले हैं। आज भी इलाके़ के ज़्यादातर बच्चे पेट से जुड़ी बीमारियों से परेशान हैं। हालांकि जिले का दूसरा सबसे बड़ा गांव है खोतही। लेकिन है सबसे ज्यादा पिछड़ा हुआ। 6 साल पहले जब गांव में एक महीने के अंदर बच्चों की मौत हुई थी तो उस वक्त खूब हो हल्ला हुआ। मंत्रियों ने दौरे किए और डॉक्टरों की टीम ने जांच। जांच में बीमारी का तो पता नहीं चला, लेकिन रिपोर्ट में डॉक्टरों ने बताया कि यहां पर पानी पीने लायक नहीं है और ये प्रदूषित हो चुका है।

यहां 50 बच्चों की मौत के बाद भी प्रशासन नींद में

इसके बाद सरकार ने इलाके में आला दर्जे के हैंडपंप लगाए और फैसला लिया कि करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से यहां पर पानी की टंकी का निर्माण किया जाएगा। अप्रैल 2010 में जल निगम को पानी की टंकी बनाने का जिम्मा दिया गया। 850 किलोलीटर पानी की क्षमता वाली टंकी को मार्च 2012 तक तैयार हो जाना चाहिए था। लेकिन यहां पर इन दो सालों में सिर्फ बोरिंग और टंकी बनने वाली जगह पर बाउंड्री वॉल का काम हुआ है। लेकिन पानी की टंकी कब बनेगी ये किसी को नहीं पता।

टंकी का निर्माण जल्द हो इसके लिए जल निगम के साथ जिलाधिकारी को भी पत्र लिखा गया। लेकिन जल निगम की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। वहीं जिलाधिकारी ने टंकी के निर्माण में हो रही देरी की जांच का आश्वासन तो दिया। लेकिन ज्यादा जरूरी है इलाके के लोगों के लिए साफ पानी की व्यवस्था।


(IBNkhabar के मोबाइल वर्जन के लिए लॉगआन करें m.ibnkhabar.com पर!)


(अब IBN7 देखिए अपने आईपैड पर भी। इसके लिए IBNLive का आईपैड एप्स डाउनलोड कीजिए। बिल्कुल मुफ्त!)

IBNKhabarMore on: kushinagar, uttar pradesh, water, pollution, died, babies



पिछली खबर
फैक्ट्रियों के जहरीले राख लोगों के लिए जानलेवा!
अगली खबर
CJ के 200 एपिसोड पूरे, एक शो जो बन गया मुहिम!

IBN7IBN7
IBNLiveIBNLive
IBNLive IBNLive

कमेंट्स

0

  
अपना कमेंट भेजें

नाम *

 

सिटी *

ईमेल *

     

कमेंट्स *


IBN7IBN7
IBN7

सिटिज़न जर्नलिस्ट में ये भी

CJ: यहां पानी नहीं सिर्फ बिल भेज रहा है दिल्ली जल बोर्ड

दिल्ली का जल विभाग हजारों लोगों को बूंद बूंद पानी के लिए तरसा रहा है। साथ ही बिना पानी दिए यह उन लोगों से इसकी भारी कीमत भी वसूल रहा है। 14:31 PM, May 21, 2013

CJ: छेड़खानी से बचने के लिए मोबाइल एप्लीकेशन का सहारा

एप्लीकेशन को एक बार फोन में डाउनलोड करने के बाद मुश्किल हालात में फंसी लड़की या महिला को सिर्फ एक बटन दबाने के बाद पुलिस की सहायता मिल सकती है। इस एप्लीकेशन की खासियत है कि मोबाइल में हेल्प बटन दबाते ही एक मैसेज नजदीक के पुलिस थाने में और दूसरा परिवार के पास पहुंच जाता है। 13:14 PM, May 21, 2013

कानपुर के बदहाल पार्कों से बेखबर बना है नगर निगम!

कानपुर के बर्रा-दो इलाके की पहचान है एक बदहाल पार्क। सिटिजन जर्नलिस्ट नीरज बता रहे हैं कि कैसे दो सालों से वो इस पार्क को संवारने की लड़ाई लड़ रहे हैं। 19:26 PM, May 16, 2013

सही मकसद के लिए इस्तेमाल नहीं की जा रही आवंटित जमीन

शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए गाजियाबाद डेवेलप्मेंट अथॉरिटी ने कुछ संस्थानों को कौड़ियों के दाम में जमीनों का आवंटन किया। लेकिन जिन लोगों को जमीनें मिलीं उन्होंने उस जमीन का सही उपयोग न करके मनमानी शुरू कर दी। 18:59 PM, May 16, 2013

CJ: 50 साल से मकान के लिए संघर्ष करते जम्मू के लोग

जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में 1965 में राज्य सरकार ने एक योजना बनाई थी। इसके तहत गरीबों को मकान बनाने के लिए मुफ्त प्लॉट दिए जाने थे। 50 साल गुजर गए लेकिन लोग आज भी उस आशियाने का इंतजार ही कर रहे हैं। 18:47 PM, May 12, 2013

सर्विस रोड खुलवाने के लिए संघर्ष करती CJ की कहानी

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में कवि नगर से राज नगर जाने वाली रोड़ पर हर रोज लगने वाले जाम रोजाना की बात है। इस जाम में लोगों को राहत मिल सकती है, अगर पास की सर्विस रोड का प्रयोग किया जाए। 21:44 PM, Apr 14, 2013

दफ्तर में यौन शोषण के खिलाफ महिला डॉक्टर ने उठाई आवाज

कामकाज करने वाली जगहों पर महिलाओं के साथ हो रहे यौनशोषण के खिलाफ संघर्ष करती ऐसी महिला की कहानी। कर्नाटक के बैंगलोर में रहने वाली महिला जो पेश से डॉक्टर है। 21:35 PM, Apr 14, 2013
IBN7