नई दिल्ली। कहते हैं कप्तान वहीं होता है जो नाजुक हालात में टीम को साहारा दे और वनडे क्रिकेट में भारतीय कप्तान धोनी ने ये करिश्मा कई बार कर दिखाया है। 2011 वर्ल्ड कप हो या इंग्लैंड के खिलाफ खेला गया कोच्चि वनडे। हर जगह धोनी ने बल्ले से आग ही उगला है। धोनी के इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई इस पारी ने एक नई बहस को फिर से छेड़ दिया है कि क्या धोनी अपने युग के वनडे क्रिकेट के सबसे आक्रमक और महान बल्लेबाज हैं।
वनडे क्रिकेट में जब-जब टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर लड़खड़ाता है उसे संभालने के लिए हमेशा एम एस धोनी हमेशा टिके रहते हैं। कोच्चि वनडे में जब 27वें ओवर में धोनी बल्लेबाज़ी के लिए आये तो टीम इंडिया का स्कोर 4 विकेट के नुकसान पर 119 रन था, यहां पर धोनी के सामने विकेट बचाने के साथ-साथ रन रेट बेहतर करने को दोहरी ज़िम्मेदारी थी और धोनी ने एक बार फिर से उस ज़िम्मेदारी को बखूबी निभाया।

वनडे क्रिकट इतिहास में जब भी मैच जिताने वाले बल्लेबाज़ों की बात होती है तो धोनी की तुलना अक्सर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज़ माइकल बेवन से होती रही है, इसे इत्तेफाक ही कहा जायेगा कि धोनी और बेवन का रिकॉर्ड लगभग एक-जैसा है। बेवन ने 232 मैचों में 53.58 की औसत से 6912 रन बनाये हैं। उनका स्ट्राइक रेट 74.16 का रहा है और उन्होंने 6 शतक और 46 अर्धशतक बनाये हैं। वहीं धोनी ने 216 मैचों में 52.28 की औसत से 7215 रन बनाये हैं। बेवन की तुलना में धोनी का 88.28 स्ट्राइक बेहतर है। धोनी ने अब तक 8 शतक और 48 अर्धशतक भी बनाए हैं।
शायद ये मुमकिन नहीं है कि धोनी और बेवन में से एक को सबसे बेहतरीन फिनशर कहा जाए क्यों दोनों बल्लेबाज़ों ने अलग-अलग दौर में अलग-अलग टीमों के लिए क्रिकेट खेली। कई जानकार शायद विवियन रिचर्ड्स को सबसे उम्दा वनडे बल्लेबाज़ बताएं, क्योंकि उस दौर में वनडे क्रिकेट में ना तो पिचें इतनी सपाट होती थीं और ना ही बल्लेबाज़ों के लिए कई तरह की सहूलियत। रिचर्ड्स ने 187 मैचों में 47.00 की औसत से 6721 रन बनाये और उनका स्ट्राइक रेट 90.20 का रहा। उन्होंने 11 शतक और 45 अर्धशतक बनाए।
बेहतरीन औसत के साथ-साथ शानदार स्ट्राइक रेट रखन वाले मौजूदा बल्लेबाज़ों में माइक हसी-185 मैच, 5442 रन (48.15 का औसत और 87.16), एबी डिविलियर्स-132 मैच, 5168 रन (49.21 और 93.15) के आंकड़ें भी काफी अच्छे हैं। हसी के रिटायर हो जाने के बाद डिविलियर्स ही आने वाले सालों में धोनी-बेवन के रिकॉर्ड को चुनौती देने का माद्दा रखते हैं। खैर, दुनिया के सर्वकालीन महान बल्लेबाज़ों में धोनी बनाम बेवन बहस आगे भी ज़ारी रहे लेकिन भारत के महानतम फिनिशर के तौर पर शायद ही किसी को ऐतराज़ हो।
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