शिकागो। आतंकवादियों के मददगार तहव्वुर हुसैन राणा के लिए 30 साल जेल की सजा का आग्रह कर अमेरिकी संघीय अभियोजक संभवत: आतंकियों के एक दूसरे मददगार और 26 नवंबर 2008 को मुंबई पर हुए आतंकी हमलों के सजिशकर्ताओं में से एक डेविड कोलमैन हेडली को ऐसी ही सजा मिलने का पूर्वाभाष देना चाहता है।
राणा के खिलाफ सजा की अवधि पर हालांकि फैसला लेना जिला जज हैरी लिनेनवेबर पर निर्भर होगा, लेकिन मूल बात यह है कि अभियोजन की ओर से 30 की जेल की मांग हेडली के खिलाफ 24 जनवरी को सुनाई जाने वाली सजा के लिए एक मानदंड हो सकता है।

मुंबई हमलों की साजिश के साथ-साथ असफल डेनमार्क साजिश को लेकर लगाए गए सभी 14 आरोपों को हेडली द्वारा स्वीकार किए जाने को देखते हुए तार्किक रूप से यही लगता है कि अगर लंबा नहीं तो उसकी सजा राणा के बराबर रहेगी। मुंबई हमलों में छह अमेरिकी नागरिक भी मारे गए थे।
राणा और हेडली बचपन के मित्र हैं। राणा को गुरुवार 17 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। उसे जून 2011 में दो आरोपों, अक्टूबर 2008 से अक्टूबर 2009 के दौरान विदेशियों की हत्या की साजिश में मदद पहुंचाने और विदेशी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को 2005 से अक्टूबर 2009 तक आर्थिक मदद मुहैया कराने के लिए दोषी ठहराया गया। हत्या की साजिश को अभियोजकों ने ‘भीषणतम डरावना पैमाना’ करार दिया है।
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