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प्याज की कीमतों में फिर लगी आग,कीमतें 57% बढ़ीं

| Feb 02, 2013 at 07:54am | Updated Feb 02, 2013 at 08:52am

नई दिल्ली। महंगाई से कराह रही जनता के लिए अब एक और बुरी खबर है। आने वाले दिनों में प्याज के दाम 40 रुपये प्रति किलो तक जा सकता है। घबराई सरकार प्याज के निर्यात पर काबू करने की तैयारी में है। उधर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की चिट्ठी मिलने के बाद कृषि मंत्री शरद पवार ने भी माना कि प्याज बेलगाम होता जा रहा है।

आधे से ज्यादा देश को नासिक की लासलगांव प्याज मंडी से ही प्याज जाता है, लेकिन अब इस मंडी में ही प्याज में आग लग रही है और उसका असर केंद्र सरकार से लेकर दिल्ली सरकार तक महसूस कर रही है। नासिक प्याज मंडी में प्याज के दाम पिछले एक महीने में ही 57 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इस मंडी में ही प्याज 22 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जरा सोचिए अगर मंडी में अगर 22 रुपये बिकेगा तो आपके घर पहुंचते-पहुंचते उसमें कम से कम 15 से 20 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है।

मंडी के व्यापारी ही नहीं खुद सरकार भी प्याज में अचानक आए ऐसे उछाल से हैरान हैं। नासिक प्याज मंडी में बुधवार को प्याज 20.50 रुपये प्रति किलो मिल रहा था,अगले दिन यानि शुक्रवार को प्याज के दाम 22 रुपये प्रति किलो हो गए। गौर करने वाली बात ये है कि पिछले साल जनवरी अंत में इसी मंडी में प्याज 3 रुपये 55 पैसे प्रति किलो मिल रहा था, यानि सिर्फ एक साल के भीतर 5 गुना से भी ज्यादा बढ़ चुके हैं।

अगर आपके घर पहुंचने वाले प्याज की बात की जाए तो इस वक्त औसत तौर पर ये प्याज 28 रुपये से 35 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है, जबकि पिछले साल तक ये 13 रुपये प्रति किलो बिक रहा था। आशंका जताई जा रही है कि अगर बाजार में नया माल नहीं आया तो अगले 15 दिनों में राजधानी दिल्ली में ही प्याज के दाम 40 रुपये तक पहुंच सकते हैं। इस वक्त दिल्ली में खुदरा कीमत 30 रुपये चल रही है, जबकि 15 दिन पहले तक ये कीमत 20 रुपये प्रति किलो तक थी ।

दिन ब दिन बढ़ रही प्याज की कीमतों ने जनता तो जनता सरकार के भी होश उड़ा दिए हैं, खासकर चुनावी साल में प्याज की बढ़ी हुई कीमतों ने शीला दीक्षित की नींद उड़ा दी है। दरअसल, मुख्यमंत्री को डर सता रहा है कि 1998 में प्याज की बढ़ी हुई कीमतों के चलते ही बीजेपी सरकार की करारी हार हुई थी। उस वक्त भी प्याज के दाम 40 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे। यही वजह है कि शीला दीक्षित ने प्याज के दामों में कमी लाने के लिए कृषि मंत्री शरद पवार को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि प्याज के निर्यात में कटौती की जाए ताकि लोगों को सस्ती दरों पर प्याज मिल सके।

उधर, पिछले हफ्ते तक इसे कुछ दिनों का संकट करार दे रहे देश के कृषि मंत्री शीला दीक्षित के चिट्ठी लिखने के बाद अब मान रहे हैं कि हालात विकट हैं। कृषि मंत्री महाराष्ट्र में फसल के नुकसान को देश में प्याज की कमी की वजह बता रहे हैं। मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात में फसल सही रही इसलिए वहां की रिटेल मार्केट में दाम कम है। महाराष्ट्र में फसल को नुकसान हुआ है इसलिए वहां अभी प्याज की कमी है, महाराष्ट्र भर में सूखे के कारण प्याज की खेती पर असर हुआ है।

कई मंत्रालयों के संयुक्त सचिवों की बैठक में प्याज के दाम को लेकर चिंता जताई गई। ये कहा गया कि सरकार को दाम पर काबू पाने के लिए दखल देना होगा। इसी के तहत प्याज के निर्यात पर काबू करने की बात हुई। सूत्रों के मुताबिक सरकार प्याज के निर्यात का न्यूनतम दाम (एमईपी) तय करने पर विचार कर रही है। जून 2012 में प्याज के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एमईपी हटा दिया गया था। उधर, विपक्ष भी प्याज के आंसू रो रहा है। बीजेपी का कहना है कि सरकार को आम इंसान की चिंता नहीं है।

फिलहाल प्याज की कीमतों से डरी शीला सरकार ने खाद्य और आपूर्ति विभाग को खास निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्याज की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है। हालांकि दिल्ली सरकार ने उम्मीद जताई है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल से प्याज की आपूर्ति होने के बाद एक सप्ताह के अंदर प्याज की कीमतों में गिरावट आ जाएगी। जानकारों के मुताबिक गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बारिश कम होने या न होने की वजह से इस बार प्याज पर बुरा प्रभाव पड़ा है।

दिल्ली के अलावा यूपी, मध्य प्रदेश और गुजरात में भी प्याज के दाम आसमान पर हैं। प्याज के अचानक बढ़े दाम से खरीदार के साथ-साथ दुकानदार भी परेशान हैं। दोनों का ही बजट बिगड़ गया है। प्याज की बेतहाशा बढ़ी कीमतों को लेकर लोगों की झुंझलाहट साफ नजर आ रही है। हर सब्जी का स्वाद बढ़ाने वाला प्याज लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है। लखनऊ की बात करें तो यहां पिछले 15 दिनों में प्याज की कीमतों में दोगुना से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। दो दिन पहले तक 26 रुपये के भाव से बिक रहा प्याज अब 35 रुपये किलो तक पहुंच गया है।

वहीं, भोपाल में भी प्याज के एकाएक बढ़े भाव ने ग्राहक और दुकानदार दोनों के लिए ही मुश्किल पैदा कर दी है। एक तरफ ग्राहक अपने बजट के हिसाब से प्याज कम खरीद रहे हैं तो दुकानदार बिक्री में कमी आने से परेशान हो गए हैं। जो प्याज भोपाल में 12 से 15 रुपये प्रति किलो मिल रहा था वो अचानक बढ़कर 28 से 30 रुपये प्रति किलो हो गया है। आसमान छूती प्याज की कीमतों का असर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी दिख रहा है। मुंबई के वाशी में प्याज के ट्रकों की तादादा 125 से घटकर 85 तक रह गई है। जिसका सीधा आम लोगों की रसोई पर पड़ रहा है।

दिल्ली हो या मुंबई, लखनऊ हो या भोपाल, प्याज ने हर शहर में नखरे दिखाने शुरू कर दिए हैं। अहम मसला ये है कि आखिर कब तक लोगों को अपने बजट में कटौती करनी पड़ेगी। आखिर गृहणियां कब तक कम प्याज खरीदकर रसोई चलाएंगी।

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