वाशिंगटन। एक करोड़ डॉलर का इनामी होने के बावजूद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद पकिस्तान में बेखौफ रह रहा है। सईद के आतंकवादी गिरोह ने ही 2008 में मुंबई पर हमले किए थे जिसमें कई लोगों की जानें गईं। न्यूयार्क टाइम्स के मुताबिक लाहौर में रहने वाले सईद ने कहा कि मैं एक आम आदमी की तरह घूमता हूं। यही मेरा अंदाज है।
अमेरिकी अखबार से सईद ने कहा कि मेरा भाग्य खुदा के हाथ में है, अमेरिका के हाथों में नहीं। एक विश्लेषक की राय को सामने रखते हुए टाइम्स ने कहा है कि सईद की सार्वजनिक जिंदगी ओबामा प्रशासन और उसके इनाम के खिलाफ खिल्ली उड़ाने वाले से कहीं बढ़कर दिखाई देता है।

लाहौर में उसके परिसर में एक मजबूत आवास, कार्यालय और मस्जिद है। टाइम्स ने कहा है कि सईद की सुरक्षा में न केवल क्लासिनकोव से लैस उसके वफादार तैनात रहते हैं, बल्कि उसे पाकिस्तान की सरकारी सुरक्षा भी मिली हुई है। पिछले साल सईद ने बड़ी सभाओं को संबोधित किया और प्राइम टाइम टीवी पर दिखाई दिया। अब वह पहले जिस पश्चिमी मीडिया से कन्नी काटता चल रहा था उसे साक्षात्कार देता रहता है।
सईद ने टाइम्स को बताया कि आतंकवादी संघर्ष ने दुनिया का ध्यान खींचा, लेकिन अब राजनीतिक आंदोलन मजबूत है और यह संघर्ष में अग्रिम मोर्चे पर रहना चाहिए। टाइम्स ने कहा है कि पाकिस्तान के जनरल बार-बार दोहराते रहते हैं कि उन लोगों ने गुप्त जेहादी गिरोहों से नाता तोड़ लिया है, लेकिन कुल मिलाकर इस बात के पर्याप्त सबूत नजर आते हैं कि आज भी उनके ऐसे तत्वों के साथ दोस्ताना रिश्ते बरकरार हैं।
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