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रेप केस में फंसे कुरियन का विरोध तेज, बचाव में कांग्रेस

| Feb 08, 2013 at 05:30pm | Updated Feb 08, 2013 at 05:47pm

नई दिल्ली। केरल के सूर्यनेल्ली रेप केस में राज्यसभा के उप सभापति पी जे कुरियन की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। उनके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन का दौर तेज हो गया है। आज केरल विधानसभा के बाहर वामपंथी दलों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन के अलाव आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया। वामपंथी महिला संगठनों ने कल भी तिरुवनंतपुरम, कोच्चि में प्रदर्शन कर कुरियन को अदालत के सामने हाजिर करने की मांग की थी।

इस बीच कुरियन ने साफ कर दिया कि वो इस्तीफा नहीं देंगे। कुरियन ने इस मसले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने की खबर से भी इनकार किया। कुरियन ने कहा कि मैं पूरी तरह निश्चिंत हूं। इस मामले में लड़की का इस्तेमाल राजनीतिक कारणों से किया जा रहा है ताकि मेरी छवि धूमिल की जा सके। अदालत और देश की जनता मुझे क्लीन चिट दे चुकी है, तो मुझे आरोपों से घबराने की क्या जरूरत है।

बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि हम लगातार विरोध दर्ज कर रहे हैं, आज भी हमने प्रदर्शन किया है, न्याय होना चाहिए। वहीं, सीपीएम पोलितब्यूरो के सदस्य एम ए बेबी ने कहा कि पीड़िता की मां ने सोनिया को पत्र भी लिखा है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। लड़की ने भी कुरियन को पहचान लिया है। हमारी मांग है कि कुरियन जांच प्रक्रिया से गुजरें।

क्या है मामला?

केरल के इदुक्की जिले में 1996 को घटित हुए सनसनीखेज सूर्यनेल्ली यौन प्रताड़ना मामला एक 16 वर्षीय किशोरी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म से जुड़ा है। एक बस कंडक्टर ने पीड़िता का अपहरण कर लिया और उसके साथ 45 दिनों तक 42 लोग दुष्कर्म करते रहे। इसके बाद उसे जुबान बंद रखने या इसका खामियाजा भुगतने की धमकी देकर छोड़ दिया गया था।

पीड़िता ने अपने साथ घटित 17 साल पहले की घटना में शामिल आरोपियों में पी जे कुरियन के भी शामिल होने की बात बार-बार दोहराई है। मामले में निचली अदालत ने 35 को सजा सुनाई थी, लेकिन 2005 में केरल हाईकोर्ट ने इनमें से एक को छोड़ शेष सभी को बरी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने 31 जनवरी को हाईकोर्ट का फैसला रद्द करते हुए मामले की दोबारा सुनवाई के आदेश दिए।

चूंकि पीड़िता और उसके परिजनों ने बार-बार कहा है कि कुरियन को आरोपी के रूप में नामित होने के बावजूद बगैर कुछ किए आसानी से छोड़ दिया गया। परिजनों के इस आरोप के बाद वामपंथियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। तीन दिनों पहले शुरू हुए केरल विधानसभा के बजट सत्र में सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामला कामकाज में बाधा साबित हो रहा है। इस मामले को लेकर विपक्ष का हंगामा जारी है।

पीड़िता की मां का सोनिया को खत

पीड़िता की मां ने गुरुवार को फैक्स से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र भेजा है जिसमें उन्होंने कहा है कि वे उस मां को पत्र लिख रही हैं जिनकी भी बेटी उसी उम्र की है जिस उम्र की बेटी उनकी है। पीड़िता की मां ने दावा किया है कि चूंकि राज्यसभा में महिलाओं से संबंधित मुद्दे पर विमर्श होना है इसलिए यह बेहद खेदजनक है कि उनकी बेटी को प्रताड़ित करने वाले कुरियन उस कार्यवाही की निगरानी करेंगे।

पीड़िता की मां ने लिखा है कि उनकी बेटी को प्रताड़ित करने वालों को बरी करने संबंधी हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट द्वारा निरस्त किए जाने के हालिया आदेश के मद्देनजर वह मदद की गुहार लगा रही हैं। वामपंथी महिला संगठनों ने गुरुवार को तिरुवनंतपुरम, कोच्चि में प्रदर्शन किया और कुरियन को अदालत के सामने हाजिर करने की मांग की।

कुरियन के बचाव में कांग्रेस

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चेन्निथला ने गुरुवार को केरल की विपक्षी वामपंथी पार्टियों से सूर्यनेल्लि मामले का राजनीतिकरण करने और राज्यसभा के उप सभापति पी जे कुरियन को लेकर चीख पुकार मचाने से बाज आने के लिए कहा। कुरियन के गृह जिला मुख्यालय शहर पथानामथिट्टा में चेन्निथाला ने कहा कि अपने दलगत मामलों से लोगों का ध्यान बंटाने के लिए वाम दलों ने सूर्यनेल्लि यौन प्रताड़ना मामले को राजनीतिक मंच के केंद्र में उठा रखा है। चेन्निथाला ने कहा कि पुलिस की तीन अलग-अलग जांच में कुरियन को क्लीन चिट दी गई है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अदालत के फैसले के बावजूद वामपंथी इस तरह का काम कर रहे हैं। हम भी उन्हें राजनीतिक रूप से जवाब देने के लिए बाध्य होंगे।

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