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जीत की दहलीज पर इंडिया, पारी की जीत से चूकी स्कोर

| Feb 25, 2013 at 02:12pm | Updated Feb 25, 2013 at 11:50pm

चेन्नई। चेन्नई टेस्ट के चौथे दिन टीम इंडिया जीत की दहलीज पर पहुंच गई है। चौते दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी में 232 रनों पर 9 विकेट गंवा दिए। भारत की ओर से दूसरी पारी में भी अश्विन का जलवा रहा और उन्होंने 5 विकेट हासिल किए।

हरभजन को भी कामयाबी मिली और उन्होंने 2 विकेट अपने नाम किए। रवींद्र जडेजा ने भी दो विकेट चटकाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से सबसे ज्यादा मोएजेज हेनरिक्स ने बनाए जो 78 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनके साथ नेथन लियोन भी 8 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे।

दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया को पहला झटका शेन वॉटसन के रूप में लगा जो 17 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें आर अश्विन ने अपना शिकार बनाया। इसके बाद एड कोवेन भी 32 रन बनाकर अश्विन का ही शिकार बने। फिलिप ह्यूज बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। उन्हें रवींद्र जडेजा ने आउट किया।

डेविड वॉर्नर भी ज्यादा नहीं टिके और 23 रन बनाकर हरभजन का शिकार बन गए। मैथ्यू वेड को भी हरभजन ने बोल्ड कर दिया। इसके बाद पहली पारी में शतक जमाने वाले ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क को भी अश्विन ने पवेलियन भेज दिया। क्लार्क 31 रन बनाकर आउट हुए।

इससे पहले आज भारत की पहली पारी 572 रनों पर सिमट गई। टेस्ट के चौथे दिन भुवनेश्वर कुमार ने 38 रन बनाए जबकि इशांत शर्मा चार रनों पर नाबाद लौटे। अपना पहला टेस्ट खेल रहे कुमार ने 97 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके लगाए। कुमार और धौनी के बीच नौवें विकेट के लिए 140 रनों की साझेदारी हुई।

कुमार और इशांत ने अंतिम विकेट के लिए 26 रन जोड़े। इस तरह भारत ने पहली पारी की तुलना में 192 रनों की बढ़त हासिल की है। आस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 380 रन बनाए थे। इसमें कप्तान माइकल क्लार्क के 130 रन शामिल हैं। भारत ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक आठ विकेट पर 515 रन बनाए थे। धौनी 206 और भुवनेश्वर कुमार 16 रनों पर नाबाद लौटे थे। चौथे दिन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 224 रनों की पारी खेलकर आउट हुए। उन्हें जेम्स पैटिंसन ने आउट किया।

इससे पहले तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारतीय टीम ने 8 विकेट के नुकसान पर 515 रन बनाए। हालांकि तीसरे दिन सचिन तेंदुलकर से सबसे ज्यादा शतक की उम्मीद थी लेकिन वो 81 रन बनाकर लायन की गेंद पर आउट हो गए।

सचिन और कोहली ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को संभलकर खेल रहे थे। पैटिंसन एक ओवर में सचिन पर पूरी तरह से हावी रहे। पहले सेशन में एक दौर ऐसा भी आया जब 29 गेंदों तक एक रन नहीं बने। आखरिकार लायन को इस दबाव का फायदा मिला और उन्होंने तेंदुलकर को आउट कर दिया। सचिन ने 159 गेंदों में 81 रन बनाए जिसमें 7 चौके शामिल थे। टीम इंडिया दबाव में थी और विरोधी टीम को विकेट से मदद मिल रही थी।

तभी धोनी ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर के खिलाफ एक खास रणनीति लेकर आए। उन्होंने लायन को हावी ही नहीं होने दिया और उनका लाइन लेंथ पूरी तरह से बिगाड़ दिया। विराट और धोनी ने मिलकर 149 गेंदों में 128 रनों की साझेदारी की। कोहली ने 206 गेंदों में 107 रन बनाए जिसमें 15 चौके और 1 छक्के शामिल थे। कोहली का संयम शतक बनाने के बाद जवाब दे गया, लेकिन धोनी इस मैच को अपने नाम करने का मन बना चुके थे। धोनी ने जल्द ही अपना शतक पूरा कर लिया। भारतीय कप्तान ने रविंद्र जडेजा के साथ मिलकर 31 रन जोड़े,

अश्विन के साथ मिलकर 7 रन और हरभजन सिंह के साथ मिलकर 34 रन जोड़े। जाहिर तौर पर एक ओवर विकेटों के गिरने का सिलसिला जारी था, लेकिन कप्तान धोनी छोटी छोटी साझेदारियों में जुटे हुए थे। आखरिकार यूपी के गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार बल्लेबाजी करने आए और धोनी ने पहले 150 रनों का और फिर देखते देखते 200 रनों का आंकड़ा पूरा कर लिया।

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