इलाहाबाद। प्रयाग में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक मेले में महाकुंभ में आए कई बाबा अपने हठयोग से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। एक बाबा 11 साल से एक पैर पर खड़े हैं, तो वहीं एक बाबा 12 साल से एक हाथ ऊपर किए हुए हैं। और कुछ बाबा तो संगम तट पर कांटों की सेज पर नंगे बदन लेटकर सबके कौतूहल का विषय बने हैं। कांटों की सेज पर लेटने का ये हठयोग करने के लिए संगम पहुंचे इन बाबाओं में से एक का नाम ज्ञान दास है, जो राजस्थान के रहने वाले हैं। ज्ञान बाबा का कहते हैं कि वह एक महीने से महाकुंभ मेले में मौजूद रहकर साधना कर रहे हैं।
बाबा इस हठयोग का कारण पूछने पर बताते हैं कि इस हठयोग को करने के पीछे की मंशा विश्व का कल्याण है। उन्होंने इसी भावना से 12 साल तक पूरे माघ महीने में इस हठयोग को करने का प्रण लिया है। ये बाबा वस्त्र त्याग कर त्रिवेणी किनारे ठंड में कांटों की सेज पर बड़ी सहजता से सोते हैं और तो और, अगर इन्हें ठंड भी लगती है तो वह कांटों को ही अपना ओढ़ना बना लेते हैं।

बाबा को इस हठयोग को करने के लिए सालों तक तपस्या करनी पड़ी। अब तो इनकों कांटे भी फूल लगते हैं। बाबा ज्ञान दास को देखने के लिए यहां भीड़ उमड़ पड़ती है। संगम तट पर आने वाला हर श्रद्धालु बाबा के इस अद्भुत रूप को बड़े आश्चर्य से देखता है।
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