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महाकुंभ में बिछड़ने से बचने के लिए अनोखे तरीके

Posted on Feb 26, 2013 at 01:50pm IST | Updated Feb 26, 2013 at 02:23pm IST

इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश की प्रयागनगरी में लगा दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला अपने अंतिम पड़ाव पर है। माघ पूर्णिमा के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। इसी भीड़ में अपनों से बिछड़ने से बचने के लिए लोगों ने अनोखे तरीके अपनाए, जो सफल रहा। महाकुंभ में स्नान करने कानपुर से आए अजीत ने अपने हाथ में एक झंडा उठा रखा था, जिस पर लिखा था कानपुर। अजीत ने बताया कि उनके माता-पिता स्नान करने के लिए गए हैं। लौटते वक्त वह भीड़ में कहीं खो न जाएं, इसलिए उन्होंने बड़ा सा झंडा उठा रखा है। इस झंडे को देखकर वे उनके पास आसानी से चले आएंगे।

अजीत की तरह ही मध्य प्रदेश से आए रिंकू अपने हाथों में पेड़ की एक हरी डाली उठाए हुए थे। पूछने पर उन्होंने बताया कि इसे देखकर उनके अपने उनके पास आसानी से पहुंच जाएंगे। इन अनोखे प्रयोगों के बीच संगम तट पर बसे लाखों कल्पवासी भी माघ पूर्णिमा के स्नान के साथ ही विदा हो गए। कुंभ क्षेत्र के अलग-अलग क्षेत्रों से आए तीर्थ पुरोहितों के पंडालों में एक महीने तक कल्पवास करने वाले ये श्रद्धालु संगम से विदा हो रहे हैं।

महाकुंभ में बिछड़ने से बचने के लिए अनोखे तरीके


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