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पढ़ें: रेल बजट पर IBN7 के सवाल, रेल मंत्री के जवाब

| Feb 26, 2013 at 06:15pm | Updated Feb 26, 2013 at 11:04pm

नई दिल्ली। रेल मंत्री पवन बंसल ने आज लोक सभा में रेल बजट पेश कर दिया। जिसमें यात्री रेल किराया न बढ़ाते हुए सरचार्ज के नाम पर टिकट महंगा कर दिया। रेल बजट पेश करने के बाद आईबीएन7 के संवाददाता विक्रांत यादव अपने खास सवालों के साथ रेल मंत्री पवन बंसल के साथ बातचीत की।

विक्रांत यादव: आपने जो बजट पेश किया है, उससे आप कितने संतुष्ट हैं।

पवन बंसल: मैं समझता हूं कि हमारी जो स्थिति है उसके हिसाब से बजट पेश किया है। हमारी जरूरतें अधिक हैं, लेकिन साधन कम हैं। सभी जगह रेल नहीं जाती है। ऐसी जगह के लोगों को भी रेलवे की जरूरत है वो ऐसे ही पूरी नहीं हो सकती है। ऐसे में लोगों पर बोझ न पड़े, लोगों को सुविधाएं भी मिलें, उसी हिसाब से बजट पेश किया है।

विक्रांत यादव: अभी कुछ दिन पहले ही रेल किराया बढ़ाया गया था। आपने रेल किराया नहीं बढ़ाया है। लेकिन लोगों का कहना है कि आपने कान सीधा न पकड़ कर पीछे से पकड़ लिया है। आपने तत्काल में, रिजर्वेशन आदि में चार्जेस बढ़ा दिए हैं।

पवन बंसल: यह कहना वाजिब नहीं होगा। रेलवे में रिजर्वेशन में सफर करने वाले ज्यादा से ज्यादा सिर्फ तीन प्रतिशत ही लोग होते हैं जो रिजर्वेशन से सफर करते हैं। पहले रिजर्वेशन के साथ एक इन हांस रिजर्वेशन होता था जिसमें आप जहां से जिस जगह के लिए टिकट ले रहे हैं। उस जगह जाकर आप किसी और जगह के लिए टिकट लें तो उसमें एक्ट्रा पैसा लग जाता था। अब उस हांस चार्जेस को खत्म कर दिया गया है। बजट में बहुत से चार्जेस को खत्म किया है। चार्जेस से बहुत अधिक पैसा नहीं मिल रहा है। सभी को मिला कर पूरे साल के लिए सिर्फ 480 करोड़ रुपये का मिलेंगे। पूरे साल के लिए जो एक लाख करोड़ रुपये का खर्च होता है, उसके लिए यह रुपये कुछ नहीं है। बजट में टिकट बुकिंग में आम आदमी को होने वाली परेशानियों को खत्म करने का प्रयास किया है। टिकट बुकिंग में कुछ खामियां हैं, जिससे कुछ दलाल किस्म के लोग पहले से टिकट बुकिंग करा लेते हैं और फायदा उठा लेते हैं। ऐसे बिचौलियों को खत्म करने का एक प्रयास है। जिससे आम जनता को परेशानी न उठानी पड़े।

विक्रांत यादव: बजट में फ्यूल एडजस्टमेंट टैरिफ से लिंक कर दिया है। माल भाड़ा 65 प्रतिशत रेलवे की कमाई का जरिया होता है, माल भाड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। क्या आपको लगता है कि माल किराया बढ़ाते रहें।

पवन बंसल: अगर रेलवे को पैसा नहीं मिलेगा तो वह काम कैसे करेगा। दोनों में संतुलन जरूरी है।

विक्रांत यादव: यात्री किराया बढ़ाने पर आपको विरोध झेलना पड़ता है, जबकि माल भाड़ा बढ़ाने पर इतना विरोध नहीं होता है।

पवन बंसल: आज फ्यूल और बिजली की कीमतें बढ़ रही हैं। ऐसे में अगर माल भाड़ा नहीं बढ़ाएंगे तो फिर रेलवे कैसे चलेगा। यात्री किराए में करीब डेढ़ महीने पहले बढ़ोतरी की गई थी। उस समय माल भाड़ा नहीं बढ़ाया गया था। मुझे लगता है इंडस्ट्रीज इस बात को सही समझेंगी।

विक्रांत यादव: पवन जी रेलवे टैरिफ रेगुलेटरी अथॉरिटी की बात की जा रही है, जो जल्दी ही बन जाएगी तो क्या यह उम्मीद की जाए कि आगे आने वाले समय में, आपने जो फ्यूल सरचार्ज जो अभी यात्री किराए में नहीं लगाया गया है, वो आगे लगाया जा सकता है।

पवन बंसल: आप आज वो बात क्यों कर रहे हैं जो आज कही ही नहीं हैं। आज मैंने ट्रेड भी नहीं बढ़ाया है। अगर आगे बिजली और डीजल पर रेट और बढ़ जाएंगे जिनका पैसेंजर पर भी असर पड़ेगा। तब फिर सोचेंगे। उस समय रेलवे का टोटल खर्चा देखेंगे। उसमें ईंधन डीजल, बिजली पर कितना ज्यादा खर्च हो गया, उसे देखकर उतना ही आगे के लिए होगा।

विक्रांत यादव: पवन जी आपने कई घोषणाएं कर दी है, लेकिन रेलवे के ट्रैक बदहाल है, रेलवे पर ट्रैफिक ज्यादा है। ऐसे में आपकी ये घोषणाएं कैसे पूरी होंगी।

पवन बंसल: लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए घोषणाएं की गई हैं। लोगों की जरूरतें इससे ज्यादा हैं। इतनी ट्रेनें जो चलाई हैं, इसे देखकर कई लोगों को मुझसे नाराजगी भी होगी कि हमारी जगह से क्यों नहीं चलाई गई है। ट्रेने वहां-वहां से चलाई हैं जहां रेल ट्रैक पर कंपेस्टी मिल सके। वीकली ट्रेन ज्यादा चलाई गई हैं।

विक्रांत यादव: आपने खाने की समीक्षा करने के लिए हैल्प लाइन शुरू कर दी लेकिन महिलाओं की सुरक्षा के लिए आपने उस दिशा में कुछ नहीं किया।

पवन बंसल: हम महिलाओं की आरपीएफ में भर्ती कर रहे हैं। जो भर्ती होगी उसमें 10 प्रतिशत भर्ती महिलाओं के लिए होगी। महिलाओं की कंपनी अलग से बनेगी। कभी- कभी महिलाओं के साथ अगर कोई घटना होती है तो जहां से ट्रेन चलती है, उस जगह की लोकल पुलिस और रेलवे की पुलिस को साथ-साथ कदम उठाने हैं। इस बात का जिक्र भी बजट में किया गया है।

विक्रांत यादव: आपने आधार कार्ड से जोड़ने की बात की है, लेकिन अभी तो सभी लोगों के पास आधार नहीं है। आखिर इसको कैसे करेंगे।

पवन बंसल: हम आधार को तभी से लागू करेंगे जब वह सभी के पास हो जाएगा। पहले हमारे रेलवे के सैलरी की भुगतान के लिए, उसके बाद पहचान के लिए किया जाएगा।

विक्रांत यादव: बंसल जी विपक्ष का कहना है कि बड़े प्रोजेक्टस है, उनकी घोषणा सिर्फ कांग्रेस की सरकार वाले राज्यों के लिए ही की गई है। बीजेपी ने तो इसे रायबरेली एक्सप्रेस तक का नाम दे दिया है।

पवन बंसल: पता नहीं बीजेपी को रायबरेली से क्या परेशानी है। रायबरेली में पहले से ही कोच फैक्ट्री लगी है। वो राष्ट्रीय इस्पात लि. के साथ मिलकर रेलवे कोच के लिए पहिए बनाएगी। इसमें रेलवे का खर्च नहीं होगा। जहां वो फैक्ट्री लगी है, वहीं से कोच के पहिए भी मिलेंगे तो मुझे नहीं लगता इसमें कोई दिक्कत है।

विक्रांत यादव: लंबे समय बाद मुलायम सिंह की समाजवादी पार्टी ने भी हंगामा किया। इस बारे में आप क्या कहेंगे।

पवन बंसल: हम मिलकर मुलायम सिंह से बात करेंगे, उनकी क्या बात है उसे पूरा करने की कोशिश की जाएगी।

विक्रांत यादव: केंद्र सरकार से आपने जितना बजट मांगा था उसमें से आपको सिर्फ 26 हजार करोड़ ही मिले हैं। क्या आपको यह कम लगता है।

पवन बंसल: हां, यह रकम हमें कम जरूर लगती है। लेकिन जो बड़ी तस्वीर दिखाई देती है, उसके अनुसार हमें इतना ही मिल सकता था। उसी के हिसाब से हमने प्लान किया है। इसका सभी मंत्रालय पर कोई न कोई प्रभाव जरूर पड़ा है। वित्त मंत्री के हालात काफी मुश्किल होती है, उसे मैं समझता हूं।

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