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बंसल की बाजीगरी, किराया बढ़ाये बिना रेल सफर महंगा!

| Feb 26, 2013 at 11:25pm | Updated Feb 26, 2013 at 11:49pm

नई दिल्ली। रेल बजट आ गया और उसमें वादों के ढेरों डिब्बे नजर आए, कहने को रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने किराया नहीं बढ़ाया, लेकिन चोर दरवाजे से ट्रेन का सफर खासा महंगा बना दिया। अब तत्काल टिकट बुक करवाना और महंगा हो जाएगा, रिजर्वेशऩ करवाना और टिकट कैंसिल करवाने पर भी ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे, सुपरफास्ट के लिए चार्ज भी बढ़ा दिया गया है। अब तक लालू प्रसाद यादव ऐसी बाजीगरी के लिए जाने जाते थे, 17 सालों में पहली बार किसी कांग्रेसी रेल मंत्री का बजट भी आज उसी पटरी पर दौड़ा।

दरअसल अगर आप इस बात पर खुश है कि रेल मंत्री ने आपकी जान बख्श दी। उन्होंने इस महंगाई में रेल किराए की तरफ से आपको राहत दे दीं, तो आप भारी गलतफहमी में हैं। हालांकि रेल मंत्री पवन बंसल बजट से पहले ही रेल भाड़ा बढ़ा चुका थे। लेकिन बजट में उन्होंने जो बाजीगरी दिखाई है वो जेब जलाने वाली है। जरा गौर फरमाएगा आप भी।

अपने ऐलान में रेल मंत्री पवन बंसल ने ये कहा है कि आरक्षण शुल्क महंगा होगा। टिकट रद्द कराना महंगा होगा। तत्काल बुकिंग भी महंगी होगी। और सुपरफास्ट चार्ज में भी बढ़ोतरी की जाएगी।

1. यात्री किरायों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं

2. सुपरफास्ट ट्रेनों, कैंसिलेशन चार्ज आदि में हम कुछ बढ़ोतरी कर सकते हैं

लेकिन पवन बंसल के शब्दों की ये बाजीगरी जनता को कैसे भारी पड़ेगी आप भी जानिए।

सबसे पहले हम आपको बताते हैं कि आरक्षण शुल्क में बढ़ोतरी का असर ये आपके सारे ख्वाब तोड़ देगी। जेब को जलाएगी। और महंगाई से रुलाएगी। आरक्षण शुल्क में महंगाई शुरु होती है एसी चेयर कार से। फिलहाल आप एसी चेयर कार के लिए आरक्षण शुल्क 25 रुपये देते हैं। लेकिन अब आपको 40 रुपये देने होंगे। इसी तरह एसी 3 इकॉनॉमी क्लास और एसी थ्री टियर में में 25 रुपये की जगह 40 रुपये। फर्स्ट क्लास और एसी टू टियर में 25 रुपये की जगह 50 रुपये। एसी फर्स्ट और एक्जीक्यूटिव क्लास में 35 रुपये की जगह 60 रुपये देने होंगे।

रेल मंत्री ने अगला झटका दिया है तत्काल टिकटों की बुकिंग में। जरा गौर फरमाइए रेल मंत्री की इस बाजीगरी पर, अब टिकटों की तत्काल में महंगाई का असर शुरू होता है स्लीपर क्लास से। स्लीपर में तत्काल बुकिंग में अब तक खर्च होता था कम से कम 75 रुपये लेकिन अब आपको 90 रुपये देने होंगे यानि 15 रुपये ज्यादा। इसी तरह एसी चेयर कार में कम से कम 75 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया है यानि 25 रुपये का झटका। एसी थ्री में अब तक आप देते थे कम से कम 200 रुपये लेकिन अब देना होगा 250 रुपये यानि 50 रुपये की चपत। एसीटू में तत्काल बुकिंग की रकम 200 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है। यानि 100 रुपये ज्यादा।

हम बता दे कि रेलवे सभी ट्रेनों में एक तिहाई सीटें तत्काल के लिए रखती है। यानि तत्काल में टिकट बुक कराने वालों की संख्या बड़ी है। लेकिन रेल मंत्री को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। वो वित्तीय हालत का रोना रो रहे हैं। बहरहाल आरक्षण और तत्काल में रेल मंत्री की तरफ से आम आदमी को ये तोहफा देख लिया आपने।

अब जानिए आप कैंसिलेशन में भी कमाई का क्या गणित निकाला है रेल मंत्री ने। अब अगर आप कन्फर्म टिकट कैंसिल कराते हैं तो सेकेंड क्लास में आपको देने होते हैं 20 रुपये लेकिन अब दस रुपये ज्यादा यानि 30 रुपये देना होगा। स्लीपर क्लास में 40 रुपये की जगह 60 रुपये। एसी चेयर कार, एसी थ्री इकॉनॉमी और एसी थ्री टियर में 60 रुपये की जगह 90 रुपये। एसी 2 टियर में 60 रुपये की जगह 100 रुपये। जबकि एसी फर्स्ट और एक्जीक्यूटिव क्लास में 70 रुपये की जगह 120 रुपये देने होंगे।

कैंसिलेशनल चार्ज में बढ़ोतरी की लिस्ट लंबी है। वेटिंग लिस्ट और आरएसी टिकट के कैंसिलेशन भी अब आप पर भारी पड़ेगा। अगर दूसरे दर्जे की टिकट आप कैंसिल कराते हैं तो पहले दस रुपये देते थे। जबकि अब आपको 15 रुपया देना होगा। इसी तरह स्लीपर क्लास से लेकर एसी चेयर कार, एसी थ्री इकॉनॉमी क्लास, एसी थ्री टियर, एसी टू टियर, एसी फर्स्ट क्लास और एसी एक्जीक्यूटिव क्लास में आरक्षण रद्द कराने पर मौजूदा 20 रुपए की जगह तीस रुपये देना होगा।

लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती। तेल सरचार्ज को कैसे भूल सकते हैं आप। डीजल की कीमतें अब बाजार के हवाले हैं। तो जब-जब डीजल की कीमतें बढ़ेंगी आपको रेल किराये में भी झटका लगना तय है। पिछले दिनों रेल मंत्री पवन बंसल ने ऐसा किया भी था। अब इस काम को अंजाम तक पहुंचाने के लिए उन्होंने बकायदा रेल भाड़ा प्राधिकरण का गठन कर दिया है। जो साल में दो बार रेल किरायों की समीक्षा करेगा। ये देखेगा कि डीजल की कीमतों का रेलवे पर कितना असर हो रहा है। तो आने वाले दिनों में और भी झटकों के लिए तैयार रहिए रेल मंत्री की बाजीगरी आपको अभी और भारी पड़ने वाली है।

इसे कहते हैं चोर दरवाजे से सेंध मारना। रेल मंत्री पवन बंसल ने चुपके से रेल यात्रा खासी महंगी बना दी। इतना ही नहीं उन्होंने आने वाले वक्त में महंगाई की आग लगाने का भी इंतजाम कर दिया। महंगे डीजल का रोना रोते हुए माल भाड़े की ढुलाई पर फ्यूल सरचार्ज लगा दिया गया है। साफ है रेलवे जिन चीजों को ढोता है उन सबकी कीमत बढ़ेगी। यानि कोयला, केरीसीन, अनाज और सीमेंट सब महंगे हो सकते हैं।

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