मुंबई। मुंबई में मौत बरसाने वाले आतंकियों को पाकिस्तान से आदेश मिल रहे थे। वो हर कदम पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से पूछकर उठा रहे थे लेकिन इन आकाओं को दो शख्स आदेश दे रहे थे। आखिर कौन थे वो शख्स। इसका जवाब भी मुंबई की अदालत में दाखिल चार्जशीट देती है। इसमें लिखा गया है कि भारत के 47 गुनहगारों में दो लोग ऐसे भी हैं जिनका रिश्ता पाकिस्तानी फौज से रहा है।
ये थे पाकिस्तान का एक मेजर जनरल और एक कर्नल। आगे क्या करना है...कैसे हमला करना है...कैसे मार्कोस का मुकाबला करना है...ये सब जानकारी मेजर जनरल सीधे लश्कर कमांडरों को दे रहा था और फिर तीनों लश्कर कमांडर ये निर्देश मुंबई पर हमला करने आए आतंकियों तक पहुंचा रहे थे। भारत ने पाकिस्तान सरकार को मुंबई हमले के जो सबूत सौंपे हैं उसमें इस मेजर जनरल का भी जिक्र किया गया है। आतंकियों की जो बातचीत खुफिया एजेंसियों ने रिकॉर्ड की है उसमें भी लश्कर कमांडर बार बार मेजर जनरल के आदेश का हवाला देकर आतंकियों को आगे बढ़ने को कह रहे थे।
जो बातचीत रिकॉर्ड की गई उसमें एक जगह लश्कर कमांडर आतंकियों से कह रहा है - मेजर जनरल साहब ने साफ हुक्म बजाया है...जो चाहे करो...बर्बादी की खबर ज्यादा आनी चाहिए...घबराओ नहीं...बहुत उम्दा काम हो रहा है...लड़कों को कहो उन्होंने बेहतरीन तालीम का मुजाहिरा किया है।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने अपनी इस चार्जशीट में एक कर्नल का भी नाम लिया है। इसका नाम है कर्नल आर सादत उल्लाह। कर्नल का पूरा पाकिस्तानी पता भी बताया गया है। ये पता है कर्नल एडिश्नल स्पेशल कम्युनिकेशन ऑर्गनाइजेशन, कासिम रोड, रावलपिंडी, पाकिस्तान और इनका ईमेल एड्रेस है-pmit@sco.gov.pk।
मुंबई क्राइम ब्रांच अब ये जानने में जुटी है कि पाकिस्तानी सेना के ये अधिकारी क्या अभी सर्विंग ऑफिसर हैं या ये रिटायर हो चुके हैं। ये ISI के लिए काम करने वाले अफसर तो नहीं या कहीं ये लश्कर के मरीन सेल के मुखिया तो नहीं।
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