एक नंबर जो 10 बार आया

खौफ के वो 15 सेकंड...

IBN7
रात के 9 बजकर 42 मिनट...मेरे मोबाइल पर कई मिस्ड कॉल आए थे। एक नंबर जो 10 बार आया तो मैंने सबसे पहले उसे चेक किया। निशाद और मैं एक गाड़ी में बैठकर अंधेरी के लिए निकल चुके थे। वो नंबर मेरे इन्फार्मर का था। हमारी गाड़ी मेट्रो सिनेमा के सिग्नल तक पहुंची कि इतने में ये पता चला कि ताज होटल के पास दो गुटों में फायरिंग चल रही है। मैंने तुरंत डीसीपी जोन-1 विश्वास नागरे पाटील का फोन ट्राई किया। घन्टी बज रही थी मगर कोई उठा नहीं रहा था। नागरे पाटील के साथ ऐसा बहुत कम होता है कि फोन को वे रिसीव ना करें। मुझे ये समझते देर ना लगी कि दाल में कुछ काला जरूर है।

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