योग भी सिखाएंगे, भ्रष्टाचार भी मिटाएंगेः रामदेव

आईबीएन-7

नई दिल्ली। भ्रष्टाचार और काले धन पर समाजसेवी अन्ना हजारे और योग गुरु बाबा रामदेव ने संसद मार्ग पर रविवार को एक दिन का सांकेतिक अनशन शुरू किया। दिन के पहले ही आम भाषण में रामदेव ने प्रधानमंत्री पर हमला किया और कहा कि पीएम को अपना कैबिनेट भ्रष्टाचार मुक्त करना चाहिए।

रामलीला मैदान में अन्नालीलाः वो 13 दिन जब जागा इंडिया!

रामदेव ने कहा कि मनमोहन सिंह ने दबाव में आकर अवैध खनन मामले में बयान दिया। हम सभी जानते हैं कि पीएम ईमानदार व्यक्ति हैं, हम सभी उनका आदर भी करते हैं लेकिन सबसे पहले उन्हें कैबिनेट को भ्रष्टाचार मुक्त करना चाहिए।

देखें: रामलीला मैदान में क्या हुआ था उस रात?

रामदेव ने सरकार से मांग की कि वह बताए आखिर विदेशी बैंकों में भारत का कितना काला धन छिपा हुआ है। रामदेव ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन को आजादी की दूसरी लडा़ई बताया। अपने भाषण की शुरुआत एक बार फिर वंदे मातरम, भारत माता की जय के उद्घोष से करते हुए रामदेव ने कहा कि आम आदमी चुने गए प्रतिनिधियों से ऊपर है।

दुनिया हिला दी अन्ना ने, 'टाइम' की टॉप टेन खबरों में

नक्सलियों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अपने संसाधनों को बचाने की जंग है जो आदिवासियों का हक है। रामदेव ने नक्सलियों का समर्थन तो नहीं किया लेकिन उनकी लड़ाई को जायज ठहराया। आईपीएल पर रामदेव ने कहा कि इसमें जो कुछ भी होता है वो काले धन से होता है। एफडीआई पर सवाल उठाते हुए रामदेव ने कहा कि ये काले धन की जड़ है और एफडीआई के जरिए ही कालेधन को सफेद किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री जी आपको नींद कैसे आ जाती हैः केजरीवाल

दूसरी तरफ टीम अन्ना के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल हमेशा की तरह सख्त तेवरों में दिखाई दिए। केजरीवाल ने रामदेव और टीम अन्ना को एक साथ बताया। केजरीवाल ने कहा कि केंद्र के 34 में से 15 मंत्रियों के ऊपर गंभीर आरोप हैं जिस वजह से लोकपाल बिल नहीं पास हो पा रहा है। मनमोहन सिंह उन सभी मंत्रियों के नेता हैं। एक दिन के इस सांकेतिक धरने पर टीम अन्ना के सदस्य मेधा पाटकर, संतोष हेगड़े और प्रशांत भूषण मौजूद नहीं रहे जबकि अरविंद केजरीवाल औऱ किरण बेदी अन्ना के साथ दिखाई दिए।

देखें: प्रधानमंत्री के नाम अन्ना हजारे का पत्र

यह अनशन बीते साल रामलीला मैदान में रामदेव के आंदोलन की शुरुआत के एक साल पूरे होने पर रखा गया। मालूम हो कि रामलीला मैदान में आंदोलन के बीच 4-4 जून की मध्यरात्रि को रामदेव गिरफ्तार कर लिए गए थे।

रामदेव और अन्ना ने मिलाया हाथ, पर कितना चलेगा साथ!

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर यूपीए सरकार के खिलाफ होने वाले अनशन से पहले अन्ना और रामदेव महात्मा गांधी के स्मारक स्थल राजघाट पहुंचे। रामदेव ने राजघाट के लिए प्रस्थान करने से पहले संवाददाताओं से कहा कि यह तो शुरुआत है, आंदोलन और तेज होगा और अगस्त तक यह बहुत बड़ा रूप ले लेगा। रामदेव ने कहा कि देश के करोड़ों लोग हमारे साथ होंगे। सरकार को काले धन के खिलाफ कड़े कदम उठाने होंगे, जैसा कि हमने मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न राज्यों में भी धरने का आयोजन किया जा रहा है।

मैं कोई ब्रेकिंग न्यूज नहीं दूंगी..नहीं दूंगीः किरण बेदी

दिल्ली बॉर्डर से प्रवेश कर रामदेव अपने समर्थकों की भारी संख्या के साथ राजघाट पहुंचे जबकि अन्ना हजारे महाराष्ट्र सदन से राजघाट पहुंचे। राजघाट पहुंचने से पहले, रामदेव और उनके करीबी आचार्य बालकृष्ण दिल्ली बॉर्डर स्थित टीकरी कलां के आजाद हिंद ग्राम गए। यहां उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद किया।

देखें: दिग्विजय सिंह के नाम अन्ना हजारे का पत्र

अन्ना के साथ उनकी टीम के अहम सदस्य अरविंद केजरीवाल, किरण बेदी हैं। रामदेव और अन्ना ने कुछ राजघाट पर कुछ वक्त के लिए ध्यान लगाया। रामदेव इसके बाद पास ही स्थित शहीद पार्क भी गए। संसद मार्ग पर होने जा रहे इस सांकेतिक अनशन को 2014 चुनाव से पहले रामदेव और अन्ना की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

अन्ना के साथ जेल जाने को अब तक 51 हजार लोग तैयार!

वहीं कांग्रेस ने इस अनशन को महज पब्लिसिटी स्टंट करार दिया है। कांग्रेस नेता केशव राव का कहना है कि अन्ना के आंदोलन की दरअसल हवा निकलने लगी है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का देखकर ऐसा लगता है कि अन्ना ऐसे लोगों के बीच घिर गए हैं जो उन्हें सही सलाह नहीं देना चाहते।